माय फक डायरी – 2

हेलो दोस्तों मैं रोहित. मैं कॉलेज में पढता हूँ. वहा मेरा एक फ्रेंड सर्किल है जिसमे २ लड़के और २ लड़कियां है. हम सब दोस्त कभी कभी कॉलेज के बाद घूमने जाया करते है. पहली स्टोरी में अपने पढ़ा की कैसे मैंने महक की चुदाई की. ये स्टोरी मेरी दूसरी फ्रेंड की है जिसका नाम शिल्पी है.
शिल्पी की उम्र २३ साल है. शिल्पी दिखने में तो ठीक ठाक है पर सबसे मस्त उसका फिगर है. उसकी चूचियां बहुत ही बड़ी और भरी हुई थी. और गांड बाहर निकली हुई थी. वो मुझे अपना भाई बोलती थी. उसको कपडे पहनने का ढंग नहीं था, हमेशा उसके टीशर्ट और टॉप से उसकी क्लीवेज दिखती थी. कभी कभी वो इतना क्लोज खड़ी हो जाती की उसकी चूचियां मेरे सीने से दब जाती. मैं इन सब चीजों को इग्नोर कर देता था क्यूकी मुझे उसमे कोई खास इंटरेस्ट था नहीं.
एक बार हम सब कॉलेज की क्लास ख़तम होने के बाद एक मॉल घूमने गए. वहा हमने खूब घुमा. शिल्पी ने रेड टॉप और ब्लैक पैंट पहना था. उसकी बड़ी बड़ी चूचियां टाइट टॉप पर कमल लग रही थी. कभी कभी उसका क्लीवेज दिख जाता था. एक बार वो चलते चलते फिसल गयी मैंने अपने हाथो से उसे थाम पर ऐसा करते वक़्त उसकी चूचियां मेरे हाथो से दब गयी. बहुत ही सॉफ्ट और गद्देदार चूचियां थी. हम सबने व्हा खूब मस्ती की, फिर रात को डिनर करके हम सब लौट आये. पहले मैंने महक को उसके फ्लैट छोड़ा फिर शिल्पी को उसके हॉस्टल छोड़ने चला गया. मैं शिल्पी को उसके रूम तक छोड़ कर जाने लगा तो शिल्पी ने बोला की आज उसकी रूममेट नहीं है और उसे अकेले डर लगता है. वो मुझे आज की रात यही रुकने के लिए बोलने लगी. मैं भी मान गया और वही रुक गया. पहले वो वाश रूम गयी और फ्रेश हो कर आ गयी. उसके आने के बाद मैं वाशरूम गया. मैंने देखा की बाथरूम में उसकी ब्रा टंगी हुई है. जब मैंने उसे देखा तो उसमे 38d लिखा हुआ था. ये देखते ही मेरा लंड में हलचल शुरू हो गयी. वॉव कितने बड़े ब्रैस्ट होंगे साली के ये मैं सोचने लगा. फिर मैं बाहर आया तो मेरी नजरे सीधे शिल्पी की छातियों पर गयी. उसकी बड़ी बड़ी चूचियां रेड कलर की टॉप बड़े बड़े पहाड़ो के जैसी लग रही थी. टाइट टॉप उसकी बदन से पूरी चिपकी हुई थी जिससे उसके बदन का हर एक कर्व दिख रहा था. फ्लैट कमर की वजह से चूचियां और उभर कर बाहर आ रही थी. ब्रा नहीं होने की वजह से उसकी निप्पल भी टॉप से दिख रही थी और उसकी सांसो के साथ बॉल्स उछल रहे थे. शिल्पी को मेरी नजरे देखकर एहसास हुआ की उसकी निप्पल पॉइंटेड दिख रही है
शिल्पी: ओह्ह्ह सॉरी भैया मैंने अपनी ब्रा खोल दी है बहुत ही टाइट लग रही थी.. घर में आकर थोड़ा फ्री रहती हूँ मैं
मैं: कोई बात नहीं शिल्पी… वैसे मैंने वाशरूम में देखि तुम्हारी ब्रा
शिल्पी: भैया बुरी बात अपनी बहन की ब्रा नहीं देखते
मैं: अरे वो तो मुझे ऐसे ही दिख गयी… अच्छा एक बात बता उसमे साइज 38d लिखा था, वो तुम पहनती हो क्या
शिल्पी: हाँ भैया वो मेरी ही है पर अब वो बहुत टाइट होती है
मैं: क्या बात करती हो 38d भी टाइट हो रही है तुझे… इतनी छोड़ी उम्र में ही तेरे बूब्बे इतने बड़े हो गए…
शिल्पी: हां भैया नेचुरल है मेरी सिस्टर करिश्मा तो ४० की ब्रा पहनती है… मुझे भी लगता है बड़े नाप की ब्रा लेनी होगी
मैं: नहीं यार मुझे नहीं लगता तेरे बूब्स इतने बड़े है
शिल्पी: सच में भैया… आप ही चेक करलो

शिल्पी मेरे पास आयी और मेरे हाथ अपनी चूचियों पर रख दिया. मैं भी इसी पल का इंतजार कर रहा था. मैंने उसकी चूचियों को टॉप के ऊपर से पकड़ लिया… उसकी बड़े बड़े तरबूज अब मेरे हाथो में थे, जिसे मैं धीरे धीरे दबाने लगा. शिल्पी की मुंह से अब शिशकारियाँ निकलने लगी.. अह्ह्ह्हह्हह ओह्ह्ह्हह… मैं अब उसकी चूचियों को जोर जोर से मसलने लगा… इतनी बड़ी बड़ी चूचियां को दबाने का अलग ही आनंद है. उसकी चूचियां बहुत ही भरी और कसी हुई थी जिसकी वजह से उसे मसलने का खूब मजा आ रहा था..
मैं: हाँ यार सच में बहुत बड़ी है… पर 38d की नहीं लगती है ये
शिल्पी: आह्ह्ह्हह भैया कैसे यकीं दिलाऊं आप को.. आप एक काम करो मेरी टॉप उतार दो… तब आपको विश्वास होगा
शिल्पी की बात सुनकर समझ आ गया की ये आज चुदने का प्लान बना चुकी है. मैंने उसकी टॉप उतार दी. उसके दो बड़े बड़े तरबूज अब आजाद हवा में उछल रहे थे. मैंने इतनी बड़ी और भरी हुई चूचियां सिर्फ पोर्नस्टार लोगो की देखि थी. पर आज तो मुझे ऐसी रसीली चूचियों के दर्शन स्वयं हो गए… मैंने उसकी चूचि का एक निप्पल मुंह में लिया और सक करने लगा और दूसरी चूचि को पकड़ कर दबा रहा था…. उईईईईई अह्ह्ह्हह्हह भैया अब बताओ क्या साइज है मेरा… ‘ उफ्फफ्फ्फ़ साली तेरे बूब्बे तो ३८ से भी बड़े है… मजा आ गया तेरी चूचियों को खेल कर… आज तो मैं इसे चूस चूस कर मसल दूंगा’
उईईईईई ओह्ह्ह्हह्ह भाई और दबाओ इन्हे पहली बार किसी ने इसे दबाया है… इतनी बड़ी बड़ी सायद आपके लिए ही हो रखी है.. चूस कर निचोड़ लो इसका सारा रस…
मैं बहुत देर तक उसकी चूचियों को चुसता और दबाता रहा… शिल्पी अपना हाथ मेरे पैंट के ऊपर ले गयी और मेरे लंड को ऊपर से सहलाने लगी… मेरा लंड अब तक पूरी तरह अकड़ चूका था, शिल्पी ने मेरी पैंट और अंडरवियर उतार दी. मेरा 8″ का लौड़ा देख कर वो चौंक गयी… भैया आपका हथियार तो बहुत ही खतरनाक लग रहा है… ‘हाँ मेरी रंडी इसी से तो तेरी बूर फाडूँगा अभी चल इसे चूस कर और मोटा कर दे’
शिल्पी निचे घुटनो में बैठ गयी और मेरा लंड चूसने लगी… वो बहुत तेजी से मेरे लंड को सक कर रही थी.. मैं उसकी चूचियों को दबा दबा कर अपना लंड उसकी मुँह में पेल रहा था.. मेरा लंड अब पुरा टाइट हो गया था. मैंने शिल्पी को ऊपर उठाया और उसकी चौड़ी गांड को मसलने लगा…
और मेरी रंडी तेरी चुत्तड़ो का क्या साइज है ये भी तो बहुत भारी और चौड़ी है
भैया ४० की है
उफ्फ्फ शिल्पी कसम से आज तो गजब की चुदाई होगी तेरी…
हाँ भैया मैं भी कबसे वेट कर रही हूँ… आओ ना जल्दी से चोदो अपनी बहन को और बना लो अपनी रंडी
साली मेरा लंड चूस रही थी और अभी भी भैया बोल रही है
आह्ह्ह्हह भैया अपने भाई से चुदने का अलग ही मजा है… अब देर ना करो भैया चलो मुझे पूरी नंगी करके रगड़ डालो अपने इस मुसल लंड से
ठीक है मेरी चुदक्कड़ बहना
फिर मैंने शिल्पी की पैंट उतार दी.. अब वो सिर्फ एक ब्लैक कलर की पैंटी में थी.. मैंने उसकी चड्डी भी उतार दी… अब वो पूरी नंगी मेरी आँखों के सामने थी.. मैं उसे उठाकर उसके बिस्तर पर फेंक दिया.. २३ साल की जवान लौंडियाँ का गदराया बदन मेरे सामने था… मैंने अपना लंड शिल्पी की चुत के दरवाजे पर रखा और धीरे से अंदर ठेल दिया… उसकी बूर बहुत गीली हो चुकी थी.. फिर भी वो बहुत जोर से चीखी… उईईईईई माँ मर गयी भैया बहुत दर्द हो रहा है.. मेरे लंड का सूपड़ा शिल्पी की बूर फाड़ चूका था…
ओह्ह्ह्ह शिल्पी मेरी रंडी तेरी सील तोड़ दी है मैंने… तेरी चूत से थोड़ा खून भी निकल रहा है..
अह्ह्ह्हह आउउउउउउ भैया बहुत दर्द कर रहा है… पर आप रुको नहीं पूरा पेल्दो अपना लंड….
मैं 2-३ धक्के और मारे और लंड को पूरा जड़ तक शिल्पी की बूर में पेल दिया… शिल्पी दर्द से कहराने लगी उईईईईई आह्ह्हह्ह्ह्ह.. मैं शिल्पी की चूचियों को दबा दबा कर उसे रिलैक्स कर रहा था…
५ मिनट बाद शिल्पी थोड़ा नार्मल हुई तो मैं धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करने लगा… जवान चूत बहुत ही टाइट होती है इसका पता मेरे लंड चल रहा था…
ओह्ह्ह्हह्हह भैया बहुत जालिम लंड है आपका मेरी चूत फट गयी है पूरी तरह…
उफ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी जान तभी तो पूरा मजा आएगा… अब तुम खुल कर लंड का मजा लो…
आह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्ह भैया और चोदो मुझे बहुत मजा आ रहा है…. आअह्ह्ह्हह
मैंने भी चोदने की स्पीड बढ़ा दी… मैं अपना लंड पूरा निकाल कर फिर शिल्पी की बूर में जड़ तक पेल देता था… शिल्पी भी पूरा एन्जॉय कर रही.. और बहुत तेज मॉन कर रही थी… आह्ह्ह्हह उउउउउउउ भैया और पेलो…..
आधा घंटा चोदने के बाद मैंने शिल्पी को डॉगी स्टाइल में आने को बोला… शिल्पी अपनी बड़ी सी गांड खोल कर मेरे सामने डॉगी स्टाइल में आ गयी… मैं उसकी भारी गांड को पकड़ा और लंड जोर से उसकी बूर में पेल दिया… ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई क्या शॉट मारा है….. ऐसे ही चोदो मुझे…..
ओह्ह्ह्ह शिल्पी आज से तू मेरी पर्सनल रंडी है….
उईईईईई अह्हह्ह्ह्ह भाई अब तू मुझे रंडी बना या रखैल… बस मुझे चोदते रह इसी तरह…
मैं शिल्पी की झूलती हुई चूचियों को दबा दबा कर चोद रहा था…..
आअह्ह्ह्हह भाई और तेज…. फाड़ दे मेरी बूर…. ओह्ह्ह्हह भाई चोदते रहो मुझे….
मैंने एक घंटे शिल्पी की रगड़ कर चुदाई की.

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