My Housemaid Raani – Part 4

Hello friends,

The next morning I woke up late after recovering from the night before’s exhausting sex encounter, it was a Sunday so I over slept, I was woken by Raani calling up my name, asking me to wake up, I woke up with a Hard on, she giggled on seeing my boner, क्या बात है मेरे राजा सुबह सुबह मूड में लग रहा है? I smiled at her saying, तू सुबह सुबह सामने आ गयी है तो यह तो होना ही है, उसने सिर्फ कमीज पेहेन रहकी थी,मैंने लण्ड दिखाते हुए कहा ,ले इसे थोड़ा सा प्यार कर दे, वो मेरे पास आई, और बोली जल्दी उठ जा ,मैंने उसका हाथ पकड़ के बिस्तर में खींच लिया,और उसके ऊपर चढ़ के बैठ गया, वो मेरे पास आई, और बोली जल्दी उठ जा ,मैंने उसका हाथ पकड़ के बिस्तर में खींच लिया,और उसके ऊपर चढ़ के बैठ गया, वो मान नहीं रही थी, मैंने उसका कमीज ऊपर किया तो देखा,की उसने कच्छी नहीं पहनी हुई थी,मैंने जैसे तैसे उसके पैर फैलाए और उस ऊपर आ गया ,अब मेरा लण्ड उसके चूत पे लगा हुआ था, बोली हा मेरे राजा ज़बरदस्ती कर मेरे साथ,डाल दे बिना कुछ सोचे समझे, चोद दे मुझे ,उसकी इन बातों से मेरे अंदर एक अजीब से उत्तेजना पैदा हो गयी , मैंने उसका सूट ऊपर तक चडा दिया और उसके मुम्मो को चूसने लगा,वो चटपटा रही थी, मैंने उसके निप्पल को दाँतों के बीच पकड़ लिया और उसको काटने लगा पहले धीरे फिर ज़ोर से , वो चिला पड़ी, अहह अहह , हाँ मेरे राजा आज छोड़ मत डाल दे पूरा का पूरा,मैंने लण्ड को उसके चूत पे लगाया और एक हे झटके में अंदर डाल दिया, उसने मेरे कंधे पे अपने दांत गड़ा दिए,,और मेरी पीठ पे नाख़ून मारने लगी, मेरे लण्ड पूरी तरह उसके चूत में चल रहा था,मैंने उसके हाथ जकड लिए , और उसने अपने पैरों से मुझे जकड रखा था,बस चुदाई चल रही थी,मैंने उसके मम्मो पर चूस चूस के निशान बना दिए, वो बोले जा रही थी , और अंदर डाल ,रुक मत ,वो अपने आप को छुटाने के कोशिश करने लगी, वो बहुत उत्तेजित हो चुकी थी, उसने जैसे तैसे मुझे पलट दिया और ऊपर आ गयी,उसने लण्ड को अपनी चूत पे लगया और ज़ोर से अंदर ले लिया,और जोर जोर से झटके मारने लगी,उसने मुम्मो को मेरे मुँह पे दबा दिए और बुरी तरह से झटके लगाने लगी, उसकी चूत इतनी गीली हो गयी थी की लण्ड के आस पास सब गीला हो गया था.वो अपनी मस्ती में झटके ले रही थी,मैं उसके मुम्मे चूस रहा था,उसके झटके गहरे होने लगे,वो अपने दाने को रगड़ रही थी,वो झड़ने लगी .मेरे होटों को अपने होटों से पकड़ लिया और पागल सी कांपने लगी, उसकी चूत लण्ड पे कस रही थी, वो अब धीरे धीरे अपनी कमर हिला रही थी, वो ख़तम हो चुकी थी, उसका शरीर ढीला पद गया था, वो मेरे ऊपर ही लेटी रही,मैं धीरे धीरे नीचे से झटके दे रहा था, मैं उसके चूतड़ पकड़ के झटके दे रहा था , वो इतना पानी छोड़ चुकी थी की उसकी चूत बहुत चिकनी हो गयी थी कुछ पता नहीं चल रहा था, मैंने उसके कान में कहाँ रानी बहुत गीला हो गया है कुछ समाज नहीं आ रहा , वो लेटे लेटे ही साइड हो गयी,और कपडे से मेरा लण्ड साफ़ किया, मैं उसके ऊपर आया और लण्ड अंदर डाला वो बस पड़ी हुई थी,कुछ देर मैंने उसे चोदा, पर वो फील नहीं आ रहा था, मैं बोर होके हट गया,बोली क्या हुआ,मैं खिसयाते हुए बोला होना क्या है , तू बस पड़ी हुई है कुछ कर तो नहीं रही,वो बैठ गयी,और बोली अरे राजा नाराज़ क्यों होता है, थोड़ा दम लेने दे ,तू तो अभी नया लौंडा है, कुछ तो फरक होगा ना ?, तू जा मुँह हाथ धो के आ , मैं फ्रेश होने चला गया , जब मैं आया तो देखा,की रानी मेरे बिस्तर पे नंगी बैठी हुई थी, मैं उसके पास गया और बोला क्या इरादे है? काम धाम नहीं है क्या? वो बोली, काम तो सारा हो चुका अब तो बस यही काम रह रहा है,मैंने पूछा क्यों घर नहीं जाना ?हस्ते हुए बोली क्यों भगाना चाहता है, बस हो गयी क्या? मैंने कहाँ बस नहीं हुई ,तू देख ले कल को तेरे घर में कोई दिक्कत ना हो जाये,बोली मेरे घर की चिंता मत कर मैंने सब कुछ देख लिया है,वो मेरे पास आई और मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरे सीने पे हाथ फेरने लगी, उसके मोठे नरम मुम्मे मेरी पीठ से सटे हुए थे और बहुत ही मज़ेदार फील दे रहे थे,फेरते फेरते उसने अपना हाथ मेरे शॉर्ट्स में डाल मेरा लण्ड पकड़ के सहलाने लगी,उसका गर्म शरीर मेरे रोंगटे खड़े करने लगा,उसने मुझे घुमा दिया और नीचे बैठ गयी और मेरा लण्ड बहार निकला, और चूसने लगी, और ांडो को सहलाने लगी, लण्ड खड़ा होने लगा , मैं उसके मुँह में ही झटके मारने लगा,लण्ड उसके गले में लग रहा था,उसने मुँह हटा लिया,बोली राजा आराम से,वो मेरे लण्ड पकड़ के बेड पे ले गयी और लोशन के बॉटल मेरे हाथ में दी और घोड़ी बन गयी,और पीछे देख के बोली आजा राजा चढ़ जा घोड़ी, ये गन्दी भाषा सुन के मेरे लण्ड और तंत हो गया,मैंने उसके छेद पे लोशन लगाया और मसाज कर लगा ,वो उम् अहा कर रही थी, मैंने लण्ड को छेद पे लगाया और ज़ोर लगाया,पहले के मुक़ाबले जल्दी जाने लगा, टोपा अंदर घुसते ही उसके मुँह से अहह की आवाज़ निकल गयी,और उसने तकिये में अपना मुँह छुपा लिया,उसकी गांड अभी भी टाइट थी, पर लण्ड आसानी से आगे पीछे जा रहा था,दो तीन बारी में लण्ड पूरी तरह अंदर जाने लगा, वो हर झटके पे आह भर रही थी,थोड़ी देर में उसने रोक दिया बोली दर्द हो रहा है,मैंने लण्ड बाहर निकाल लिया,और उसकी छूट में डालने लगा,तुरंत बोली रुक मैं धुलवा देती हु,मुझे वाशरूमन लेजा के लण्ड धुलवा के आई, बोली ऐसे इन्फेक्शन हो सकता है. मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया और उसके गले पे किस करने लगा,वो घूमी और मुझसे लिपट गयी,और मुझे किस करने लगी,किस करते करते वो लण्ड को भी हिला रही थी,वो अपने आप नीचे बैठी और लण्ड मुँह में भर लिया,और बहुत प्यार से चूसने लगी,लण्ड भी फूल के और मोटा हो गया था ,मैंने कहा बस कर छूट जायेगा पर वो करती रही , मैंने उसे उठाया और झुका दिया,और पीछे से लण्ड उसके चूत में दाल दिया और उसे चोदने लगा,वो झटको से अपना बैलेंस खो रही थी और लण्ड बहार आ जाता, मैं उसे बेड पे ले गया और चोदने लगा, वो बस चुप चाप चुद रही थी ,मेरा छूटने वाला था मैं तेज़ झटके मार रहा था,जैसे मेरा छूटने लगा वो मुझे ले के लेट गयी और मेरे लण्ड को चूत से कस लिया , दोस्तों उस फीलिंग का मैं वर्णन नहीं कर सकता मेरे अंग अंग ढीला हो गया , जब मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में ही बहा दिया ,वो बस मुझे मदहोश निगाहो से देख रही थी,मैं उसके पास गया,वो फिर त्यार हो रही थी,मैं टांगो के बीच में गया और उसके चूत पे अपनी जीब फेरी,वो कांप उठी,और मेरा सर अपनी चूत पे दबाने लगी,मैंने उसकी चूत में ऊँगली डाली,वो बोली हम्म्म अह्ह्ह , मैंने दूसरी ऊँगली डाली उसने धीरे से मेरा हाथ पकड़ा,बोली आराम से , मैं करता रहा,और चाटता रहा , मैंने ऊँगली अंदर डाल के मोड़, दी वो उछल पड़ी वो चुप चाप टाँगे खोले बैठी थी, उसकी आखों में एक अजीब से मदहोशी नज़र आ रही थी,उसकी चूत में अब तीन ऊँगली चल रही थी, मैंने जब चैथी ऊँगली डालने की कोशिश की तब वो बोल ना बस और मत डाल, मैं उसके दाने(Clit) को चाट रहा था , वो चूत फैला के दे रही थी. उसकी सावली चूत गीली होके बह रही थी,वो बेकाबू हो रही थी, उसने मुझे ऊपर खींच लिया,और मुझ से लिपट गयी,और मेरे होठ चूसने लगी,और लण्ड को अंदर लेने की कोशिश करने लगी, पर लण्ड तो पूरी तरह खड़ा नहीं था, वो ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगी,मुझे दर्द होने लगा था,मैं बोलै रानी आराम से दर्द हो रहा है,पर वो तो अपने में मस्त थी, जैसे तैसे उसने खड़ा कर दिया, और ऊपर बैठ गयी और अंदर ले लिया, और ज़ोर के झटके मारने लगी , लग रहा था वो मुझे चोद रही है, उसने हाथ घुमा के मेरे टट्टे पकड़ लिए और उन्हें मसलने लगी, उसे पता था की क्या करने से क्या होगा मेरा लण्ड उसके अंदर ही और टाइट होने लगा,वो अब मेरे लण्ड पे कूद रही थी , मैं नीचे से उसके मुम्मे दबा रहा था , मैं च रहा था की वो जल्दी झड़े और थोड़ा आराम मिले,कल से आठ बारी चोद चुका था उसे,

पर ना वो झड के दे रही थी ना मैं, बस चुदाई चल रही थी, कम से कम दस मिनट वो मुझे ऐसे हे रगड़ती रही,मैं बोर हो चुका था, मैं बोला रानी अगर नहीं हो रहा तो थोड़ी देर रहने दे, कुछ देर बाद करते है,वो रुक गयी और बोली ठीक है, मैं तो तेरे लिए कर रही थी, वो मेरे साइड में लेट गयी, और बोली, कुछ भी बोल तूने मेरे अरमान फिर से जगा दिए, मैंने कहा कैसे, वो बोली बस ये समझ की बच्चों के बाद ये सब तो भूल ही चुकी थी मैं, बस गृहस्ती संभाल रही हु, फिर मैंने पुछा क्यों रमेश नहीं करता ? बोली अरे कहाँ जायदातर तो वो बाहर काम पे रहता है, और जब घर में होता है तो , इतना बोल वो चुप हो गयी, उसकी आँखे नम थी, बोली अगर ये मुझे घर में मिलता होता तो क्या मैं आज ये सब करती? मैं बोला चलो अच्छा है न तुमने मुझे भी ट्रैन कर दिया है, वो शरमाके बोली अजी हाँ , मैं उसे कसते हुए बोला हाँ मेरी रानी तू पहली औरत है जिसके साथ मैंने सेक्स किया है, वो मेरी तरफ देख रही थी, मैंने यह कहके नरमी से उसकी होटों पे किस कर दिया , वो शर्मा गयी और मुझ से लिपट गयी, मैं बोला जा थोड़ा नाश्ते का इंतज़ाम कर सुबह से बहुत काम हो गया है, उसने नाश्ता बनाया,खा पी के हम बैत गए और इधर उधर की बातें कर रहे थे, मैंने उससे पूछा रानी बता करते समय तुझे सबसे अच्छा क्या लगता है? वो सोचके बोली एक तो जब तू चाटता है, तब मेरे रोंगटे खड़े हो जाते है और जब तेरा अंदर गिरता है गर्म गर्म तब बहुत अच्छा लगता है,मैंने पूछा और जब पीछे डालता हु, बोली तब दर्द होता है मज़ा तो तुझे आता है, तू बता तुझे क्या अच्छा क्या अच्छा लगता है? मैं बोला एक तो जब तू चूसते हुए मसलती है और जब तू अपनी छूट से कास लेती है , वो हंसने लगी , मैं बोला रानी तू है बहुत ठरकी , बोली क्या, मैं ठरकी और मेरे ऊपर बैत गयी,मैंने उसकी कमीज उतार दी, और उसके मुम्मो से खेलने लगा, मैंने उसके निप्पल चूसने शुरू किए और उसका मुम्मा उसके मुँह के तरफ किया, वो हैरान होक बोली यह क्या अपने हे चाटू? मैंने उसे मनाया करके तो देख नहीं अच्छा लगा तो मत करना. वो अपने ही निप्पल चाटने लगी , उसे देख के लग रहा था उसने ये सब कभी नहीं किया ,उसे अच्छा लग रहा था. मेरा लण्ड खड़ा होने लगा, वो अपने निप्पल चूस रही थी, उसे देख कर मेरा लण्ड खड़ा होने लगा वो उसी के ऊपर बैठी हुई थी, उसने बड़े प्यार से लण्ड को पकड़ा और अपनी चूत पे रगड़ने लगी, लण्ड पुरे तंत पे था, और उसकी चूत गीली एक हलके से झटके में अंदर चला गया, वो पलट गयी और मुझे ऊपर कर दिया, मैंने लण्ड बिकुल अंदर सटा दिया उसकी आँखों में एक अजीब सी खुशी नज़र आ रही थी, उसने पैर उठा लिए और जितना अंदर जा सकता उतना अंदर ले लिया , वो पुरे जोश से चुद रही थी , मैं धीरे और गहरे झटके ले रहा था, उसे बहुत मज़ा आ रहा था , वो बस झड़ने चा रही थी. मैंने झटके तेज़ कर दिए, उसके दाने पे रगड़ मार रहा था, वो बस ख़ामोशी से सब कुछ ले रही थी , मैं अब चूत मारके थक गया था, मैंने जल्दी जल्दी उसके चोदना शुरू किया, उसकी भी हिम्मत ख़तम थी, उसकी चूत भी अब फूलने लगी थी, लगभग दुआ मिनट बाद मैंने अपना माल उसकी चूत में छोड़ दिया, और साथ साथ वो भी झड गयी, उस दिन के बाद हमे एक हफ्ता सेक्स नहीं किया,

एक हफ्ते बाद की कहानी अगली बारी

Bye Friends for now

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