सेक्सी पडोशन

फ्रेंड्स मेरा नाम आकाश है, मेरी उम्र २३ साल है. मैं कोलकाता में एक फ्लैट में रहकर पढाई कर रहा हूँ. मेरे घर के सामने एक मस्त आंटी रहती है उसका नाम दिव्या है. आंटी का बांग्ला देखकर लगता था की बहुत ही रईस पार्टी है. आंटी अपने आप को काफी मैनटैनेड रखती थी. वो डिज़ाइनर साड़ी और कपडे पहनती थी. मैं आंटी को अपनी बालकनी से हमेशा ताड़ता रहता हूँ. दिव्या आंटी की उम्र 40 साल है पर अपने कसे और भरे हुए बदन की वजह से सिर्फ ३५ की ही लगती है. दिव्या आंटी दिखने में बहुत ही सुन्दर और सेक्सी लगती है. आंटी के दूध बहुत ही बड़े बड़े थे और उसकी गांड बहुत ही फैली और बाहर निकली हुई थी. आंटी का फिगर 40-32-४२ है. she is perfect example of a milf.
एक शाम मैं घर के पास के शॉप से ग्रोसरी लेकर आ रहा था. मैं जब रोड क्रॉस कर रहा था तभी एक कार ने बैक करते टाइम मुझे हलकी सी टक्कर मार दी. मैं रोड पर ही गिर गया, तभी कार का डोर ओपन हुआ और उसमे से एक महिला निकली. मैंने देखा वो कोई और नहीं दिव्या आंटी थी.
दिव्या: सॉरी मैं देख नहीं पायी… तुम्हे ज्यादा चोट तो नहीं लगी
मैं: कोई बात नहीं आंटी… थोड़ी सी खरोच है बस
मैंने उठने की कोशिस की पर लड़खड़ा कर गिर गया, सायद पैर पर मोच आ गयी थी… आंटी ने मुझे सहारा देकर उठाया..
दिव्या: लगता है तुम्हे क्रैम्प आ गया है… तुम आओ मेरे कार पर बैठो
आंटी ने सहारा देकर मुझे कार में बैठाया… आंटी ने ब्लू कलर के ट्रांसपेरेंट सी साड़ी पहनी थी, जिसकी वजह से आंटी का टाइट ब्लाउज विज़िबल था. एक डीप क्लीवेज लाइन पूरा दिख रहा था. आंटी के बड़े बड़े बॉल्स ब्लाउज में कैद पहाड़ो के जैसे लग रहे थे. चोट लगे होने के बावजूद मेरा लंड तन रहा था.
फिर आंटी मुझे एक डॉक्टर पास ले गयी… डॉक्टर ने बोला की कुछ दिन मुझे बेड रेस्ट चाहिए और कुछ दवाई भी दी
दिव्या: तुम्हारा नाम क्या है और तुम कहा रहते हो
मैं: आंटी मेरा नाम आकाश है और मैं आपके सामने वाले फ्लैट में रहता हूँ
दिव्या: अच्छा… वहा तो तुम्हारी देखभाल करने वाला कोई नहीं होगा… तुम मेरे घर चलो मैं तुम्हारा देखभाल करूंगी
मैं: इसकी जरुरत नहीं है आंटी…
दिव्या: देखो आकाश मेरी गलती की वजह से तुमको चोट लगी है… मुझे थोड़ा ख्याल रखने दो तुम्हारा
मैं: पर आपके घर वालो को परेशानी होगी
दिव्या: मैं अकेले रहती हूँ घर में कोई परेशानी नहीं होगी
मैं: आंटी फिर आपके फॅमिली मेंबर कहा है?
दिव्या: आकाश मेरा डिवोर्स हो चूका है ५ साल पहले और मेरी एक बेटी है पल्लवी जो दिल्ली में इंजीनियरिंग कर रही है
मैं: ठीक है आंटी.. मैं चलता हूँ आपके साथ

मैं आंटी के साथ उनके घर चला गया. उनका घर बड़ा आलीशान था. आंटी मुझे एक कमरे में ले गयी और एक बिस्तर पर लेटा दिया. लिटाते वक़्त आंटी का पल्लू थोड़ा निचे सरक गया था, और मेरी नजर आंटी की बड़ी बड़ी चूचियां पर चली गयी. गोरी गोरी बड़ी चूचियां देखते ही मुंह में पानी आ गया… मैंने सोचा आंटी को किसी भी तरह चोदना है.
दिव्या: आकाश मैं तेल लाती हूँ थोड़ा मालिश कर देती हूँ
आंटी गांड मटकाते हुए कमरे से चली गयी. आंटी की भारी चुत्तड़ मस्त हिल रही थी. थोड़ी देर बाद आंटी तेल लेकर वापस आयी. आंटी ने तेल मेरे पाव पर लगाई और मसाज करने लगी. आंटी के स्पर्श से मेरा खड़ा होने लगा. दिव्या आंटी धीरे धीरे मेरे पाँव को मसाज दे रही थी. पर मेरा ध्यान तो आंटी के बाउंस होते हुए चुच्चो पर था. मसाज करते हुए आंटी ने अपना पल्लू निचे गिरा दिया था, सायद वो मुझे सेदूस करना चाहती थी. आंटी की 50% से ज्यादा चूचियां नंगी दिख रही थी. इतनी बड़ी बड़ी दूध से भरी हुई चूचियां बहुत ही सेक्सी लग रही थी. आंटी ने काफी देर मेरा मसाज किया फिर हमने डिनर किया. मैं दवाई खाकर सो गया.
दूसरी सुबह मैं उठा तो मुझे काफी आराम था, अब मैं थोड़ा चल फिर पा रहा था. आंटी उस समय ऑफिस जाने के लिए रेडी हो रही थी. दिव्या आंटी ने टाइट शर्ट और स्कर्ट पहनी हुई थी. आंटी की चौड़ी गांड स्कर्ट में पूरी तरह टाइट फिट. बहुत बड़ी गांड थी साली की. आंटी की बड़ी बड़ी चूचियां टाइट शर्ट में और भी मस्त लग रही थी.
दिव्या: आकाश मैं ऑफिस जा रही थी
मैं: तुम रेस्ट लो मैं इवनिंग में मिलती हूँ
आंटी का कातिलाना फिगर देखकर मेरा बुरा हाल था. आंटी के जाते ही मैंने आंटी के नाम की मूठ मारी.
शाम के ६ बजे आंटी वापस. आंटी अभी भी फ्रेश लग रही थी. आंटी ने चाय बनाई और मुझे चाय सर्व की. मैंने देखा दिव्या आंटी ने अपने शर्टस के 2-३ बटन्स खोल दिए थे. अब उनकी छाती में मस्त क्लीवेज दिख रहा था. मैं आंटी की चूचियों को ताड़ रहा था, ये आंटी ने देख लिया पर कुछ बोली नहीं. हमदोनो सोफे में बैठकर चाय पिने लगे.
मैं: आंटी अब मैं ठीक हो गया हूँ अब मैं अपने फ्लैट चलता हूँ
दिव्या: आकाश 1-२ दिन और रुक जाओ.. पूरा ठीक होके जाना
मैं: मैं पूरा ठीक हो गया हूँ
दिव्या: रुक जाओ आकाश.. मैं भी अकेले बोर होती हूँ. तू है तो मेरा टाइम कट जाता है
मैं: ठीक है आंटी अब आप कह रही है तो मैं रुक जाता हूँ…
दिव्या: ग्रेट आकाश.. चलो मैं थोड़ी देर में तेरे कमरे में आती हूँ और मालिश कर देती हूँ

मैं अपने कमरे में रेस्ट करने लगा. थोड़ी देर बाद दिव्या आंटी फिर तेल लेकर आयी और मेरे पाँव की मालिश करने लगी. आंटी घर आने के बाद साड़ी पहन लेती है. आंटी ने आज ब्लैक साड़ी पहनी थी. ब्लैक साड़ी आंटी के गोरे बदन को और भी कामुक बना रही थी. ब्लाउज का गला बहुत डीप था जिससे उसकी क्लीवेज दिख रही थी. आंटी के बड़े बड़े स्तन ब्लाउज से आजादी की भीख मांग रहे थे. ब्लाउज एक डोर से सिर्फ पीठ से बंधी हुई थी. मालिश करते करते आंटी ने फिर अपना पल्लू गिरा दिया. टाइट ब्लाउज में कैद आंटी के दूध बहुत ही सेक्सी लग रहे थी. मैंने आंटी से ऐसी ही बातें करने स्टार्ट की
मैं: आंटी आपको डाइवोर्स को इतने साल हो गए, आप इतनी सुन्दर भी हो कभी किसी के साथ रिलेशन नहीं रखा
दिव्या: क्या करू आकाश अपने काम और अपनी बेटी की परवरिश में ही लगी रही..
मैं: आंटी आप तो अभी जवान हो, आपको किसी की कमी नहीं महसूस नहीं होती
दिव्या: होती है आकाश, कभी कभी टाइम काटना मुश्किल हो जाता है
आंटी के स्पर्श और चूचियों के दर्शन से मेरा लंड पूरी तरह अकड़ गया था. आंटी ने मेरे पैंट का तम्बू देख लिया और अपना हाथ मेरे लंड के ऊपर रख दिया
दिव्या: आकाश तुम चाहो तो मेरा अकेलापन दूर कर सकते हो.. आकाश मैं बहुत बरसो से प्यासी… क्या तू मेरी बदन की आग को मिटाएगा
आंटी मेरे लंड को मसल रही थी… मुझे बहुत मजा आ रहा था… आआह्ह्ह्हह्ह आंटी आपकी गदराया जिस्म देखकर तो मेरे बदन में भी आग लगी हुई है…
आंटी ने मेरी पैंट उतार दी, आंटी मेरा 9″ का लौड़ा देख कर चौक गयी… वाह आकाश क्या औजार है तेरा इसे तो मैं बहुत प्यार करुँगी… आंटी ने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी… ओह्ह्ह्हह आंटी मजा आ रहा है.. आंटी मेरा लंड बहुत मस्त चूस रही थी, आंटी अब पूरी झुक कर मुझे अपनी चूचियों के दर्शन करा रही थी.. आंटी की बड़ी बड़ी अधनंगी चूचियां देखकर मेरा लंड ज्यादा रुक नहीं पाया और झड़ गया.. आंटी ने चूसकर मेरा लंड साफ़ कर दिया…
मैंने आंटी को पीछे से पकड़ा और पीठ पर किश करने लगा… पहले पीठ पर और फिर नैक पर… आअह्ह्ह्ह आकाश… ५ साल के बाद किसी मर्द ने मेरे बदन को छुआ है… निचोड़ ले इस जिस्म को और मजा लूट लेले मेरी जवानी का… ओह्ह्ह्हह आंटी आज तो बहुत चोदूँगा तुझे… बहुत दिनों से तेरे गदराये बदन पर मेरी नजर थी.. मैंने आंटी की चूचियों को ब्लाउज के ऊपर से पकड़ लिया और दबाने लगा….
दिव्या: आआह्ह्ह्ह आकाश… ओह्ह्ह्हह्हह और दबा जोर से
मैं: साली कबसे इन चूचियों को दिखा दिखा कर मेरा लंड खड़ा किया है…
दिव्या: आआअह्ह्ह्हह आकाश मिटा ले अपनी ठरक… चूस ले इन चूचियों को
मैंने आंटी के ब्लाउज की डोर खोल दी और उनकी नंगी पीठ को चूमने लगा… आंटी का ब्लाउज उतारते ही फुटबॉल जैसे दो बड़े बड़े दूध आजाद हो गए… मैंने आंटी की चूचियों को थाम लिया और दोनों हाथो से मसलने लगा… उफ्फफ्फ्फ़ आंटी इतने बड़े बड़े बॉल्स मैंने आज तक नहीं देखे… ; कितनी सॉफ्ट और भरी हुई चूचियां है आपकी… मैं एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा… ओह्ह्ह्हह्हह आकाश उईईईईई.. मेरा हाथ आंटी के बड़े चुत्तड़ो पर था जिसे मैं दबा रहा था… आंटी के मुंह से सिर्फ सिसकारियां निकल रही थी…. ओह्ह्ह्हह्हह उईईईईई… मैं आंटी की चूचियों को खूब दबाया और चूसा… फिर मैंने आंटी की गोरी कमर पर किश किया और साथ ही साथ गांड को दबा रहा था… फिर मैंने दिव्या आंटी की साड़ी खींचने लगा और धीरे धीरे उसे नंगी करने लगा… फिर मैंने आंटी की पेटीकोट और चड्डी भी उतार दी… अब आंटी पूरा नंगी मेरे सामने थी. आंटी का कसा और भरा हुआ नंगा बदन देख कर अब मेरा लंड पूरा तन चूका था… मैंने आंटी को बिस्तर पर लेटाया और उसके जिस्म को चूमने लगा.. आंटी बहुत उत्तेजित हो चुकी थी… मैं चूमते चूमते आंटी के बूर के पास पंहुचा.. आंटी आज चुदवाने का प्लान बना कर आयी थी.. आंटी की चूत पूरी साफ़ थी.. मैं आंटी की बूर को चूसने और चाटने लगा… अब दिव्या आंटी सातवे आसमान पर थी.. आआह्ह्ह्हह्ह आकाश बस कर अब चोद ना जल्दी…. आ फाड़ दे मेरी बूर अपने लंड से…..
मैंने आंटी के बूर के फांको को फैलाया और लंड को बूर में सेट किया. एक जोर के झटके से लंड ४ इंच बूर में घुस गया… आंटी की बूर बहुत टाइट थी शायद ५ साल से चुदी नहीं थी इसलिए…. उईईईईई आकाश..
मैंने 2-४ धक्के मार कर मेरा पूरा लंड आंटी के बूर में पेल दिया… आंटी को शुरू में थोड़ा दर्द हुआ पर बाद में मजा लेकर चुदवाने लगी…
दिव्या: ओह्ह्ह्हह्ह आकाश.. अब जोर लगा कर चोदो मुझे
मैं: उफ्फ्फ्फ़ आंटी मस्त टाइट बूर है आपकी.. बहुत मजा आ रहा है आपको चोद कर
दिव्या: आकाश अब तो आंटी मत बोलो.. कॉल मी दिव्या
मैं: ओके दिव्या मेरी जान… ले अब मेरे लंड का मजा…. आज तेरी चूत की खुजली पूरी मिटा दूंगा
मैं घचा घच अपना लंड दिव्या की बूर में पेल रहा था… आंटी की बूर की कसावट और गर्मी से मेरा लंड और बड़ा और मोटा हो रहा था… जिससे आंटी को बहुत मजा आ रहा था…. ओह्ह्ह्ह आकाश फक मी हार्डर बेबी… मैं भी पुरे जोश में आंटी को चोद रहा था.
१५ मिनट की चुदाई के बाद आंटी मेरे ऊपर चढ़ गयी और मुझे चोदने लगी… आंटी गांड उछाल उछाल कर मेरे लंड पर कूद रही थी… और मेरा लंड पूरा जड़ तक आंटी की बूर में घुस रहा था… मैं आंटी की उछलती हुई चूचियों को दबा रहा था… उनकी बड़ी बड़ी चूचियों को मसल कर चोदने में बहुत मजा आ रहा था… आह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्ह आकाश
मैंने फिर आंटी को डॉगी स्टाइल में आने को कहा. आंटी की बड़ी गांड अब नंगी मेरे आँखों के सामने थी. मैंने आंटी की कमर को पकड़ा और लंड बूर में फिट किया. एक ही झटके में लंड दिव्या की बूर में पेल दिया… और फिर आंटी को चोदने लगा… आंटी की बड़ी गांड मेरे कमर से टकरा रही थी और थप थप मधुर संगीत पैदा कर रही थी….
दिव्या: ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आकाश.. और चोदो मुझे… पूरा जोर लगा के चोद
मैं: उफ्फ्फफ्फ्फ़ दिव्या… बहुत मजे ले कर चुदवा रही हो
दिव्या: आअह्ह्ह्हह आकाश बहुत जबरदस्त चोद रहा है तू…

मैं आंटी की झूलती चूचियों को दबा दबा कर चोद रहा था… डॉगी स्टाइल में आंटी के बड़ी गांड और बड़ी बड़ी चूचियों का पूरा मजा मिल रहा था… फक मी आकाश मेरा गिरने वाला है… अअअअहहहहह बेबी फक मी हार्डर
मैंने चोदने की स्पीड बढ़ा दी. आंटी की चुत्तड़ो को पकड़ कर लम्बा लम्बा शार्ट मारने लगा… आंटी बहुत तेज मॉन कर रही थी… मुझे आंटी की बड़ी बड़ी चूचियों को दबा दबा कर चोदने में बहुत मजा आ रहा था… आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आकाश मैं गयी.. मैंने 5-१० धक्के और मारे और मैं भी झड़ गया..
दिव्या: ओह्ह्ह्हह थैंक्स आकाश तूने दिल खुस कर दिया… मेरी चुदाई की प्यास मिटा दी तूने
मैं: थैंक्स तो मुझे बोलना चाहिए… इतना सेक्सी बदन चोदने मिला मुझे आज
दिव्या: ओह्ह्ह्ह आकाश अब तुझे ही इस बदन को भोगना है… और मेरी प्यास मिटानी है
मैंने आंटी को किश करते हुए बोला सीओर आंटी.. इट्स माय प्लेजर टू फक यू

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