रानी भाभी की गरम जवानी

रानी भाभी 28 साल की शादी-शुदा महिला थी, नयन नक्स कटीले तो शारिरिक संरचना बिल्कुल फ़ीट, उनके बदन पर कपड़ा रहते हुए भी उनके शारिरिक बनावट का अंदाज़ लगाया जा सकता था, उनके गुलाबी रसिले ओंठ, सुराही नुमा गर्दन, छाती पर दो संतरे समान स्तन उसकी खुबसुरती पर चार चांद लगा देते थे, जबकि उनके सपाट पेट से लेकर गहरी नाभी हमेशा हि नग्न होती थी ! उनके चिकने मोटे-2 जङ्हा और उसके गोल गुम्बदाकार गांड़ देख लंड़ फ़नफ़ना उठ्ता था और बुर तो लालिमा लिये, ब्रेड़ पकोड़े की तरह और दो खुबसुरत फ़ांक जिसपर बार वो रखती नही थी ! उनको दो दफ़े चोदकर मजा तो आया था लेकिन और चोदने को मन कर रहा था ! रानी भी दस घाट का पानी पी चुकी थी और गैर मर्दो के साथ सम्भोग सुख लेते ही रह्ती थी ! एक शाम रानी भाभी ने मुझे फ़ोन करके बोला……. “क्यो राहुल आज कल मेरे लिये तुम्हारे पास समय नही है

(राहुल) बिल्कुल समय है भाभी बोलिये कब मिलना है

(रानी) कल सुबह 11:00 बजे घर पर आओ. ”

अगले सुबह घर से कालेज के निकला और फ़िर रानी भाभि के घर पहुंच गया, वो मेरे घर के पास एक भाड़े के मकान मे रह्ती थी ! मै जाकर मेन गेट के काल बेल को बजाया और फ़िर रानी भाभी आकर गेट को खोली, हम दोनो अंदर घुसे तो रानी मेन गेट और घर के दरवाजे को बंंद कर दी ! वो एक गाउन पहन रखी थी जोकि उनके घुट्ने तक की थी, साथ मे गाउन की ड़ोरी आगे की ओर बंधी हुई थी, वो मेरे सामने कुर्सी पर बैठी तो उसकी गाउन और उपर की ओर आ गयी, उनके मोटे-2 खुबसुरत जङ्हा मुझे दिख रहे थे और मै बोला……. “रानी भाभी आप बेहद खुबसुरत लग रही है

(रानी) तारीफ़ बंंद करो राहुल, तुम तो किरन पर ही लगे रहते हो. ” रानी नाराजगी जाहिर कर रही थी तो मै उठ्कर उसके पास गया और वो भी खड़ी हो गयी !

रानी भाभी मेरे से लिपटे खड़ी थी तो मै उसके गाल और ओंठ को चुमता हुआ उसके नितम्ब पर हाथ फ़ेरने लगा, वो अपने स्तन को मेरे छाती से चिपकाए खड़ी थी और मेरे ओंठ को चुमते हुए अपने जिभ को मेरे मुह्न मे घुसा दी ! भाभि के जिभ को चुसता हुआ उसके गाउन को उपर की ओर करने लगा और कमर तक गाउन करके उसके मांसल चुत्तर को सहलाने लगा, वो अपने जिभ को मुह्न से निकाल मेरे कपड़े को खोलने लगी ! रानी के गाउन की ड़ोरी खोलकर उसके जिस्म से निकाला और वो ब्रा और पेंटी मे मस्त माल लग रही थी, मै सिर्फ़ चड़्ही पहने खड़ा था और उसके स्तन को मसलने लगा तो रानी खुद ही अपने ब्रेसियर को खोल चुचि को नग्न कर दी ! अब मै रानी के स्तन को मुह्न मे भरकर चुसता हुआ दुसरे स्तन को मसल रहा था जबकि भाभि मेरे बाल को पकड़े अपने छाती से लगाये दुध पिला रही थी ! तभि मै उसके दुसरे स्तन को चुसता हुआ उनके पेंटी को खोल दिया और स्तनपान करता हुआ उसके बुर को सहलाने लगा, एक उंग़ली रानी के बुर मे थी और बुर कुरेदता हुआ चुचि चुसता रहा ! रानी गरम हो चुकी थी और मेरे चड़्ही को खोलकर मेरे मुसल लंड़ को थाम ली, मै अब चुचि को छोड़ उनको चुमने लगा, उनके जिस्म पर ओंठ लगाकर चुमता हुआ उनके कमर तक जा पहुंचा ! रानी खड़े-2 सिसकने लगी और मै उनके पैर के पास घुट्ना के बल बैठ गया, अब रानी के दोनो पैर को दो दिशा मे किये बुर निहार रहा था तो रानी मुस्कुराने लगी ! मै उनके मोटे-2 जङ्हा को चुमने लगा जबकि मेरा हाथ उसके नितम्ब को सहला रहा था, रानी अपने उंग़ली कि मदद से बुर को फ़लका दी तो मै अब उनके बुर मे जिभ घुसाकर चुत चाट्ने लगा, मेरा पुरा जिभ बुर को कुत्ते की तरह चाटने लगा और फ़िर मै बुर के फ़ांक को मुह्न मे भरकर चुभलाता हुआ मस्त हो रहा था! रानी की चुत छोड़कर बाथरूम गया.

रानी चुदने को आतुर थी लेकिन मै उससे अपना लंड़ चुसवाना चाहता था, अब रानी ज़मीन पर बैठी थी तो मै सोफ़ा पर था! वो मेरे लंड़ के सुपाड़ा को अपने ओंठ और गाल पर रगड़ने लगी, फ़िर वो अपने जिभ को मुह्न से बाहर करके उस पर सुपाड़ा को रगड़्ने लगी ! मेरा लंड़ पुरी तरह से खड़ा हो चुका था और रानी अब मेरे लंड़ को अपने मुह्न मे भरकर चुसने लगी, उसके मुह्न मे मेरा मुसल लंड़ था और वो अपने मुह्न का झट्का लंड़ पर देते हुए मुखमैथुन कर रही थी ! पल भर बाद, रानी ड़ाईनिंग़ टेबुल के सहारे घोड़ी बनकर खड़ी थी तो मै उसके चुत्तर के सामने खड़ा था, अब एक मख्खन की टिकिया लेकर उनके गांड़ के मुहाने पर रगड़ने लगा तो वो सिसकने लगी…… “क्यो राहुल गांड़ चोदने का विचार है क्या

(राहुल) आज नही सिर्फ़ चाटुंग़ा रानी. ” और मै रानी के गांड़ के मुहाने पर चुम्बन देने लगा, उनकी गांड़ का मुहाना टाईट था और मै अपने जिभ से गांड़ चाट्ने लगा ! पल भर बाद……

हमदोनो बेड़ पर थे तो रानी मेरे लंड़ पर बैठ्कर चुदना चाह्ती थी, अब मै बिस्तर पर सो गया तो रानी मेरे लंड़ के उपर दोनो पैर दो दिशा मे किये बैठ गयी ! उनके कमर को पकड़े मै उसकी बुर को अपने लंड़ के ठिक उपर रखा था, रानी मेरे लंड़ को पकड़े अपने बुर मे घुसाने लगी, सुपाड़ा सहित 1/2 लंड़ बुर मे था और उसकी कमर को कसकर पकड़े मै निचे से बुर मे एक जोरदार ठाप दिया और मेरा पुरा लंड़ उसकी चुत मे था, वो चिन्हुक पड़ी…… ” आह्हह कितना मोटा लंड़ है तेरा बुर फ़ट जायेगी

(राहुल) चुपकर साली रांड़ मेरे लंड़ पर चुत्तर उपर निचे करते हुए चुद. ” और रानी मेरे लंड़ को बुर मे लिये अपने चुत्तर को उपर निचे करते हुए चुद रही थी ! मुझे बहुत मजा आने लगा लेकिन उनके भारी-भरकम चुत्तर का भार मेरे मुसल लंड़ पर पड़ रहा था, रानी एक चुददक्कर औरत की तरह खुद ही अपने चुत्तर को उच्हाल कर चुदवाने लगी और पल भर बाद उसकी चुत से रस निकल आया, रस मेरे झांट पर भी गिरा और रानी अब बेड़ पर लेटी हुई थी ! उनके दोनो जङ्हा के बिच अपना मुह्न लगाकर वुर को चाट्ने लगा और फ़िर बुर का रस चाट्कर बाथरूम भागा ! अब रानी बेड़ पर लेटी हुई थी और मै उसकी बुर मे लंड़ ड़ाले घुट्ने के बल होकर चुदाई करने लगा, उसके गिले बुर को चोदते हुए मै उसके नग्न जिस्म पर औंध गया और रानी मुझे कसकर पकड़ ली, चुत्तर को उपर निचे करते हुए मेरे मुसल लंड़ से चुदने लगी और मै उसके गाल को चुमते हुए मस्त था ! रानी भाभी अपने चुत्तर को उच्हाल्ते हुए चुदवा रही थी और मेरा लंड़ पुरी तरह से गरम हो चुका था, अब रानी कि बुर आग मे जल रही थी तो वो चिखने लगी…… “ऊह्ह ऊम्मम्म राहुल और तेज चोदो रे बुर मे आग लगी हुई है

(राहुल चोदता हुआ) आह्ह रानी मेरा लंड़ विर्य फ़ेंकने वाला है. ” और मेरे लंड़ से रस फ़ेंक दिया, उसकी बुर शांत पड़ गयी, फ़िर हमदोनो आराम करने लगे !

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Linga11

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