मम्मी की सहेली कामिनी

मेरी मम्मी की कई सहेलिया है, कुच्ह पड़ोस मे रह्ती है तो कुछ दुसरे मुहल्ले मे! मम्मी की सहेली माया के साथ कई बार मजे ले चुका था! दिपा दिदी के साथ काम क्रीड़ा की शुरुआत हुई थी तो उनके अलावे कई और शादी शुदा औरत के साथ बिस्तर गरम कर चुका था ! मुझे अब एक आदत सी पड़ गयी थी, एक दोपहर मम्मी की एक सहेली उनसे मिलने आई, काल-बेल बजने पर मै दरवाजा खोला तो एक मम्मी के उम्र की औरत सामने खड़ी थी, उनसे मै कई बार मिला था तो मै बोला…. “जी आप मेरी मम्मी की सहेली है ना

(औरत) जी मेरा नाम कामिनी है

(राहुल) अंदर आईए. ” कामिनी अंदर आकर सोफ़ा पर बैठी तो मै मम्मी को बेड़ रूम मे जाकर उनको सहेली के बारे मे बताया !

मै अब अपने कमरे की ओर जाने लगा तो मम्मी बोली…… “राहुल तुम भी यहा आओ. ” अब हमसब बैठकर बाते करने लगे तो मेरा ध्यान कामिनी के बदन पर ही था ! वो साड़ी और ब्लाउज पहन रखी थी, लेकिन उनके ड़ीप गले की ब्लाउज की वजह से मुझे उनके बड़े-2 स्तन का उपरी भाग दिख रहा था, सिने पर साड़ी रहते हुए भी चुची के उपरी भाग का नज़ारा देखने को मिल रहा था ! उनके नग्न मांसल पेट से लेकर नाभी और कमर का हिस्सा भी देख रहा था, लेकिन देखकर क्या मिलने वाला था, पल भर बाद मै उठ्कर अपने बेड़ रूम चला गया तो मम्मी और उनकी सहेली आपस मे बाते कर रही थी ! एक घंटे बाद मम्मी मेरे पास आई….. “राहुल जरा आंटी को उनके घर छोड़ देना

(राहुल) जरुर. ” और फ़िर मै तैयार होकर बाईक निकाला, फ़िर कामिनी बाईक पर मेरे साथ बैठ गयी और वो मेरे साथ लिपटकर बैठी हुई थी तो उसके स्तन मेरे पिठ से रगड़ खा रहे थे जबकी कामिनी का हाथ मेरे कमर पर था! कामिनी का घर पंकी मुहल्ले मे था तो मै विजय नगर चौराहे के पास बाईक रोककर बोला….. “आप रुकिए मै अभी आता हु. ” मै जानबुझकर एक वाईन शोप मे गया और एक केन बियर खरीदकर जिंस के पेंट मे रख लिया ! वापस आकर बाईक पर बैठा और फ़िर पंकी की ओर चल पड़ा तो कामिनी मेरे से चिपककर बैठ गयी, वो मुझसे बोली…… “राहुल तुम क्या खरीद रहे थे

(राहुल) मम्मी को नही बताईएगा कभी कभार बियर पीता हु. “फ़िर उनके घर पहुंचा तो वो दरवाजा मे लगे ताले को खोली और मै…… “चलता हु आंटी

(कामिनी) एक कप कोफ़ी पीकर जाना. ”

मै कामिनी के घर के अंदर घुसा, हाल मे सोफ़ा पर बैठा तो कामिनी मेरे सामने से चुतर लचकाते हुए किचन की ओर गयी, मै बैठ्कर मोबाईल मे देश दुनिया की खबरे पढने लगा तो कामिनी उधर से कोफ़ी लेकर आई, अब दोनो काफ़ी पीने लगे तो उनके सिने पर से साड़ी थोड़ी सी निचे सरक चुकी थी ! कामिनी के चुचि पर मेरा नज़र बार-2 जाता तो वो भी मेरे चोर निगाहो को पकड़ चुकी थी, मुस्कुराते हुए बोली……. “राहुल बियर खरीदे हो तो क्या

(राहुल) चाचि उस केन को पीने मे 2-3 मिनट तो लगते है, घर वापस जाने के क्रम मे पी लुंग़ा

(कामिनी) तो क्या चाचि नही पियेगी क्या

(राहुल) ओह मुझे पता होता तो दो केन बियर खरीद लेता

(कामिनी मुस्कुराई) जाकर पास के वाईन शोप से दो बोटल बियर खरीद लो. ” तो मै समझ गया की चाची का मन बियर के साथ कुच्ह और का भी है ! मै पंकी बाज़ार जाकर दो बोटल बियर खरीद लिया और फ़िर वापस कामिनी के घर आ गया ! हमदोनो सोफ़ा पर बैठ्कर बियर पीने लगे तो दोनो थोड़ी दुरी पर बैठे हुए थे ! एक बोटल बियर पीकर मुझे तो मजा आ रहा था लेकिन कामिनी नशे मे झुम रही थी और बोल पड़ी….. “राहुल एक बात बताओ

(राहुल) जरुर आंटी

(कामिनी) आंटी नही कामिनी बोलो ना, तुम्हारी कोई गर्ल फ़्रेंड़

(राहुल) नही कामिनी मुझे लड़्कियो मे दिल्चस्पी नही है

(कामिनी मेरे करीब खिसकी) ओह तो औरत मे रुची होगी. ” ये कह्ते हुए वो मेरे जिंस के उपर से लंड़ के उभार को सहला दी ! मै कुछ सोच पाता तब तक मे कामिनी अपने सिने पर से साड़ी को निचे कर दी तो उसके बड़े-2 स्तन ब्लाउज फ़ाड़कर निकलने को आतुर थे ! मै उनके स्तन पर हाथ लगा दिया और जोर-2 से दबाने लगा तो वो मेरे जिंस को खोलने लगी, मुझे कामिनी के बड़े- 2 स्तन को दबाने मे काफ़ि मजा आ रहा था !

मेरे बदन पर सिर्फ़ एक चड़्ही थी तो मै चाचि के साड़ी को बदन से निकाल कर उसको अपने बाहो मे भर लिया ! मेरे जाङ्ह पर अपने मांसल चुत्तर को रखकर गर्दन मे हाथ दे रखी थी तो मै उसके पीठ पर हाथ लगाये उसके चेहरे और ओंठ को चुमने लगा, उसके एक स्तन मेरी छाती से दब रही थी तो मै कामिनी की ओंठ को चुसता हुआ उसके पिठ से लेकर चुत्तर तक को सहला रहा था ! पल भर बाद कामिनी मेरे मुह्न मे अपना जिभ ड़ाल दी तो मै उसकी जिभ चुसने लगा, कामिनी का बदन मांसल था तो उसके रसिले ओंठ और बड़े-2 स्तन काफ़ी लुभावने, फ़िल्हाल कामिनी को नग्न अवस्था मे देखना बाकी था ! वो अपने जिभ को मेरे मुह्न से निकाल ली और मै उनको सोफ़ा पर बिठाया, अब मै उनके ब्लाउज के हुक को खोलने लगा तो उनकी चुची काले रंग़ के ब्रा मे कैद थी, वो बेशर्म औरत की तरह अपने साया के नाड़ा को खोल दि तो मै उनके साया को कमर से निचे किया ! कामिनी के बदन पर काले रंग़ की ब्रा और पेंटी थी तो मै उनके नग्न मोटे-2 जङ्हा को सहलाता हुआ उसको सोफ़ा पर लिटाया और उनके बदन पर औंध कर ओंठ गाल चुमने लगा ! कामिनी आंटी के गोरे गाल को चुमते हुए उनके स्तन की ओर बढा और स्तन के उपरी भाग को चुमने लगा, वो सिसकने लगी तो मै कामिनी को करवट करके ब्रा का हुक खोल दिया, फ़िर क्या था, दो बड़े-2 गोल स्तन नज़र के सामने थ्रे, मै एक स्तन के अग्र भाग को मुह्न मे लेकर चुसने लगा और दुसरे स्तन को मसलने लगा ! कामिनी के मांसल चिकने बदन पर लेटा हुआ मै स्तनपान कर रहा था तो वो ‘आह्हह्हह ऊम्मम्मम राहुल बहुत्त मजा आ रहा है चुसो ना जरा जोर से ‘ कहकर सिसकने लगी और मै उनके दुसरे स्तन को चुभलाता हुआ मस्त हो रहा था ! मेरा लंड़ चड़्ही के अंदर फ़नफ़ना रहा था तो मै कामिनी के स्तन को चुसता हुआ मस्त हो रहा था, पल भर बाद उनके मांसल पेट से लेकर कमर तक को चुमने लगा और वो काम की आग मे तड़पने लगी, मै अब कामिनी को सोफ़ा पर बिठाया तो वो दोनो पैर दो दिशा मे किये सोफ़ा के किनारे पर बैठी !

कामिनी के पेंटी को खोलकर बुर दर्शन करने लगा, उनकी मांसल् चुत पर बार के छोटे-2 रोये थे तो दोनो फ़ांक मुरब्बे की भांती फ़ुली हुई, बुर के दरार काफ़ी चोड़े, आखिर 20-22 साल से कितने लंड़ बुर हज़म कर चुकी होगी, पता नही ! मै कामिनी की बुर पर चुम्बन देने लगा तो वो मेरे बाल पर हाथ फ़ेर रही थी, कामिनी की बुर को चुमचुमकर मस्त हो गया तो वो साली चुदक्कड़ बुर को फ़ल्काने लगी ! फ़िर मेरा लम्बा जिभ उसकी बुर की गहराई को मापने लगा, मेरा जिभ कुत्ते की भांती उसकी चुत चोदने लगा तो वो ‘आह्हह्ह ऊम्मम्मम राहुल अब चोद दो ना आह्ह बुर मे इतनी खुजली हो रही है ‘ बोलते हुए मेरे बाल को कसकर थामे सर को अपने चुत की ओर धंसा रही थी ! मै कामिनी की बुर को कुरेद्ता रहा फ़िर बुर के दोनो फ़ांक को मुह्न मे लेकर लेमंचुस की तरह चुसने लगा, अब मै उनकी चुत छोड़कर उठा तो कामिनी लंड़ चुसने को आतुर थी ! वो सोफ़ा पर बैठे-2 मेरे चड़्ही को खोल दी तो मेरा मुसललंड़ उनके हाथ मे था, मेरे लंड़ को चुमते हुई बोली…… “तेरा लंड़ तो सही मे काफ़ी कड़ा है. ” ये कहते हुए वो मेरे लंड़ को चुमने लगी, फ़िर वो लंड़ के सुपाड़ा को अपने ओंठ के बिच लेकर चुभलाने लगी, मुझसे नज़र मिलाते हुए लंड़ को अपने मुह्न मे भर ली और मुह्न का झट्का लंड़ पर दे देकर मुखमैथुन करने लगी, मुझे तो बेहद मजा आ रहा था और मै उसके बाल को कसकर पकड़े अपने लंड़ का झट्का उसकी मुह्न मे देने लगा ! कामिनी की मुह को लंड़ से चोदता हुआ मजे ले रहा था तो वो अपने मुह्न से लंड़ को बाहर की और जिभ फ़ेरकर चाटने लगी, पल भर बाद दोनो नग्न अवस्था मे बेड़ पर आ गये !

कामिनी बेड़ पर सोने जा रही थी तो मै उसको कुतिया की तरह बेड़ पर होने को बोला, अब उसके गोल गुम्बदाकार गांड़ के सामने लंड़ पकड़े था! उसके बुर मे सुपाड़ा सहित आधा लंड़ घुसाकर कमर थामा और जोर का झट्का बुर मे दे दिया, लेकिन लंड़ की दिशा तिरछी थी, अब बुर के दिवार पर धक्का देता हुआ कामिनी को चोदने लगा ! कामिनी अपने चुत्तर को हिला ड़ूलाकर चुदवा रही थी, उसके सिने से झुलते स्तन को मसलते हुए चुदाई करने लगा, कामिनी की सुखी बुर गरम हो रही थी तो पल भर बाद वो बोली…… “आअह्ह ऊह्हह उम्मम्म राहुल और तेज चोदो ना मेरी बुर से पानी निकलने वाला है

(राहुल) चाचु चोदते है की नही

(कामिनी) नही लेकिन तेरे जैसे कुछ लड़्के मेरे अब भी दिवाने है. ” और उसकी बुर से पानी आने लगा ! मै लंड़ को बाहर किया तो वो चित होकर लेट गयी, मै कामिनी के बुर मे जिभ पेल-पेलकर रस का स्वाद लेने लगा! वो पल भर बाद दुबारा चुदने को आतुर थी तो मै उनके बुर मे लंड़ पेल पेल्कर चुदाई करना शुरु कर दिया, उसके मांसल जिस्म पर सवार होकर चुदाई कर रहा था तो कामिनी अपने नितम्ब को उपर निचे करते हुए चुदने लगी ! लग्भग 15 मिनट से कामिनी की चुदाई करता हुआ हांफ़ रहा था, वो भी मेरे ओंठ और चेहरे को चुमते हुए आहे भर रही थी…… “आआह्हह ऊह्हह्ह राहुल अब बुर तो आग की भटटी हो चुकी है रस गिरा दो.

(राहुल) आह्हह ऊह्हह्ह ये लो मेरे लंड़ का विर्य पीलाओ अपनी चुत को. “और मेरा लंड़ उसकी चुत मे विर्यपात कराके शांत पड़ गया ! मै भी फ़्रेश होकर घर के लिये निकला !

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Linga11

I am here to share incidence which happened / not happened in my life.I love to write but have strong love for writing incest or porn stories.I think you readers will enjoy my stories reading in a free time and while thinking about its situation.I know your sexual organs will than be in fire.