एक साथ दो खूबसूरत लंडों से पूरी रात चुदी

हेलो दोस्तों,

मेरा नाम नीशू है मै 32 साल की एक शादीशुदा लड़की हूँ | मै और मेरे पति बैंगलोर में रहते हैं | हम दोनों को सेक्स करना बहुत पसंद है | हम ग्रुप सेक्स और थ्रीसम भी ट्राई कर चुके हैं और सेक्स को मज़ेदार बनाने के लिए एक दूसरे को पूरी छूट भी देते हैं |
मेरा रंग गोरा है और शरीर बहुत खूबसूरत है (अपने पति से अलग मै अभी तक 3 -4 लड़को से चुद चुकी हूँ और सभी मुझे एक बार नंगी देख कर मेरी चूचिओं, चूत और गांड के दीवाने हो जाते हैं और मुझे बुरी तरह चोदते हैं जिससे मुझे पता चला की मै वाकई चुदाई वाला माल हूँ)

मै आपको आज अपनी एक ऐसी ही रियल चुदाई की कहानी बता रही हूँ.

मै करीब दो साल पहले एक सरकारी काम के सिलसिले में दिल्ली आयी थी | वहाँ पर मुझे दो खूबसूरत लड़के मिले जिनका नाम अरुण और शिखर था | वो भी उसी ऑफिस में अपने काम के लिए आये थे | ऐसे ही हेलो हाई से बात शुरू हुयी और पता चला की वो दोनों दिल्ली में ही रहते हैं | मेरे काम में धीरे धीरे पूरा दिन लग गया और इस दौरान हम लोगों ने बहुत सारी बातें की और एक दूसरे से फैमिलियर हो गए | शाम को पता चला की मुझे अगले दिन भी उस ऑफिस में आना होगा तभी काम पूरा हो पायेगा | दिल्ली में मेरा कोई जानकार नहीं था तो मैंने होटल में स्टे करने का फाइनल किया और शिखर और अरुण से कहा की मै किसी होटल में जा रही हूँ फिर कभी मौका मिला तो मिलेंगे.

अरुण और शिखर ने मुझे इंसिस्ट किया की आज शाम को साथ डिनर करते हैं अगर आप को ऐतराज न हो तो | और शिखर ने बोला की अगर आप को कोई दिक्कत न हो तो आप मेरे घर पर रुक सकते हैं. मैंने मन में सोचा की दिन भर बातें कर के ये तो पता चल गया है की ये दोनों अच्छे परिवारों से हैं और वेल सेटल्ड भी हैं. और सबसे बड़ी बात की दोनों बहुत सुन्दर भी हैं ज्यादा से ज्यादा ये दोनों मिल कर मेरी
चुदाई ही कर लेंगे तो वो भी मेरे लिए अच्छा ही है.
मैंने थोड़ा सोचने का नाटक करते हुए कहा की आप दोनों को कोई प्रॉब्लम तो नहीं होगी. शिखर ने बोला बिलकुल नहीं. आप हमारे साथ चलिए. मैंने हाँ कर दी और मै उनके साथ उनकी कार में बैठ गयी और हम सब शिखर के घर के लिए चल दिए. रस्ते में से दोनों ने अपने लिए ढेर सारी बियर ली और मुझ से पूछा की आप क्या लोगे. मैंने मन कर दिया तो अरुण बोला कि निशु ऐसे तो अच्छा नहीं लगेगा की आप कुछ न लो, कुछ तो आपको लेना पड़ेगा. शिखर बोला चलो आपके लिए भी बियर ले लेते हैं. मैंने थोड़ा मुस्कुराते हुए हाँ कर दी (वैसे भी मै चुदाई वाली रात जमकर बियर पीती हूँ). शिखर मेरे लिए 6 बियर की बोतल ले आये. मैंने कहा ये क्या किया मै तो बस दो ही पी सकती हूँ. शिखर ने कहाँ कोई बात नहीं देर तक बैठेंगे तो ज्यादा भी पी सकते हो. मैंने मन ही मन सोचा की शायद आज पूरी रात चुदाई का प्लान तो नहीं बना रहे ये दोनों ?
पर इन्हे ये नहीं पता था की मै तो पहले भी इस तरह की शानदार चुदाई पार्टी कर चुकी हूँ और चुदाई का सबसे ज्यादा मज़ा ग्रुप पार्टी में ही आता है. | बातें करते हुए पता ही नहीं चला की कब शिखर का घर आ गया | शिखर के घर में कोई नहीं था उसने मुझे अपना बैडरूम दिखाया और मै वह पर बैठ गयी | थोड़ी देर आराम करने के बाद मैंने सोचा की दिन भर की थकान है क्यों न नहा ही लूँ | मैंने अपने कपडे निकाले और बैडरूम के अटैच वाशरूम में जाने लगी | मुझे वाशरूम में जाते देख कर शेखर ने बैडरूम से बाहर जाने का नाटक किया | मै वाशरूम में गयी तो देखा की उसमे लॉक तो था पर बंद नहीं हो रहा था | मैंने सोचा की शिखर को पता तो है ही की मै नहा रही हूँ तो यहाँ पर कोई नहीं आएगा. मैंने एक एक करके अपने कपडे उतार दिए और शावर की तरफ चल पड़ी | शावर चला ही था की किसी के आने की आहट सुनाई दी मैंने सोचा की मै अंदर हूँ तो कोई नहीं आएगा… मै नहाने लगी… तभी किसी का हाथ मेरी कमर पर महसूस हुआ तो मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो वहां पर शिखर खड़ा था |

मै शिखर को देखकर डर सी गयी पर उसको देख कर अच्छा भी लगा क्योकि वो भी बिना कपड़ों के था… लम्बा चौड़ा सीना, रंग गौरा और लण्ड तना हुआ. तभी शिखर ने मुझे अपने से चिपका लिया.. एक दम से शरीर में बिजली सी दौड़ गयी क्योकि शिखर की छाती से मेरी चूची मिल रही थी और मेरे पेट पर लण्ड की गरमाहट महसूस हो रही थी.. मै सिसकियाँ सी लेने लगी | तभी शिखर ने मुझे दिवार से लगा दिया और खुद मुझ से चिपक गया और मेरे चेहरे को हाथ से पकड़ कर मेरे होठों को चूमने लगा | मै भी मना नहीं कर रही ही तभी शिखर ने अपने हाथ से मेरी चूची दबाई मेरे मुँह से आह की आवाज निकल गयी.. शिखर कभी लेफ्ट वाली चूची पीते कभी राइट वाली और मै पागल हुए जा रही थी | मै सोच रही थी की शेखर चूत में लण्ड कब डालेंगे ?
तभी शिखर ने अपने हाथ मेरी चूत पर रखा.. चूत एक दम साफ़ सुथरी और चुदाई के लिए तैयार थी | तभी शिखर ने चूत में अपनी ऊँगली डाल दी.. मै पहले ही चुदाई के लिए तड़प रही थी ऊँगली डालने से और आग लग गयी | अब शिखर ने मुझे घुटनो के बल बैठाया और अपने लण्ड मेरे होठो पर लगा दिया | मैंने जैसे ही मुँह खोला शिखर ने अपने पूरा लण्ड मेरे मुँह के अंदर डाल दिया और अपने मुँह से आह आह की आवाजें निकलने लगा… इस सब से अनजान अरुण ड्राइंग रूम में हम सब के लिए ड्रिंक बनाता रहा.
मैंने भी शिखर के लण्ड को आइसक्रीम की तरह खूब चूसा | लण्ड चूस चूस कर चूत से पानी की नदी बह रही थी.. तभी शिखर ने मुझे घोड़ी बनाया और लण्ड मेरी चूत में डाल दिया.. इसी का तो मै कब से इंतज़ार कर रही थी.. शिखर ने मेरी चूत मरना शुरू कर दिया.. थोड़ी देर बाद शिखर ने मुझे सीधा कर दिया और मेरी एक टांग को अपने कंधे पर रख कर चूत में लण्ड डाल कर अंदर बाहर करने लगा | अब मै भी आह.. आह… आह.. की आवाजें करने लगी थी और वाशरूम से फच-फच की आवाजें आ रही थी |

मेरी इन चुदाई की आवाजें सुन कर अरुण भी आ गया और उसने अपना लण्ड निकल कर मेरे मुँह में डाल दिया और मेरे मुँह की चुदाई करने लगा. तभी शिखर झड़ गया.. शिखर के झड़ने के बाद अरुण ने चूत में लण्ड डाल दिया और मेरी चूत के पुरे मज़े लूटे.. अरुण चुदाई करते करते कह रहा था की मुझे चुदाई का कम मौका मिला है मै एक बार और चुदाई करूंगा | शिखर और मै हंसने लगे… तभी अरुण भी झड़ गया पर दोनों ने मिलकर मुझे दो बार झाड़ दिया था.
फिर हम तीनो मिल कर नहाने लगे.. शिखर और अरुण ने मुझे रगड़ रगड़ कर नहलाया.. क्योंकि रात अभी बाकी थी और दोनों ने कहा की वो मुझे आज पूरी रात इस्तमाल करेंगे.. ये सुन कर मेरे अंदर गुदगुदी सी होने लगी…
नहाने के बाद हमने बियर पी और बातें करते रहे.. अरुण और शिखर ने मुझे बीच में ही बैठा लिया | बियर पीते- पीते अरुण मेरी चूचिओं पर बियर डाल डाल कर चाट रहा था और शिखर चूत पर बियर डाल कर चाट रहा था और मै दोनों के लंडों को हाथ में पकडे हुए थी |
तभी अरुण ने कहा की मै पानी लेकर आता हूँ.. अरुण को जाते देख शिखर ने मुझे घोड़ी बनाया और लण्ड गांड में डाल दिया.. मै दर्द से कराह दी.. तभी अरुण ने पीछे मुड़ कर देखा तो वो भी वापस आ गया और अपना लम्बा मोटा लण्ड मेरे मुँह में डाल दिया… शिखर पीछे से धक्का मारते तो अरुण का सारा लण्ड मेरे मुँह में चला जाता.. अरुण मेरे मुँह को चोदते हुए मेरे बदन को देखता ही जा रहा था | तभी अरुण ने जगह बदलने को कहा तो शिखर ने कहा की ठीक है मै चूत में डाल लेता हूँ तू गांड में डाल ले | अरुण तैयार हो गया. तभी शिखर नीचे लेट गया और मै उसके ऊपर लण्ड चूत में लेकर लेट गयी तभी अरुण ने भी अपना लण्ड मेरी गांड में डाल दिया |

शिखर और अरुण ने अपना लण्ड चूत और गांड में घुमाना शुरू किया और मै आह आह कर रही थी और कह रही थी की फाड् दो मेरी चूत और गांड…. यह सुनकर दोनों में जोश आ गया और दोनों ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी… चुद रंडी और चुद.. और ले ये लण्ड अपने अंदर तक…… कह कह कर अरुण और शिखर धक्के मार रहे थे.. मै आई… आह.. आह… और चोदो मुझे…. कह रही थी.. मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था.. मै अपने चरम पर पहुँच गयी थी.. मुझे दोनों ने जन्नत की सैर करा दी थी… तभी अरुण गांड में ही झड़ गया और शिखर भी झड़ गया.
उस रात दोनों ने मेरे अंदर अपना माल चार -चार बार निकला और मै सुबह तक जन्नत के मज़े लेती रही.
अब जब हम तीनो का चुदाई का प्लान होता है तो मै दिल्ली आ जाती हूँ और हम जम कर चुदाई के मज़े लेते हैं…

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