मैं और रोमा दीदी

हेलो दोस्तों मेरा नाम करण है, मेरी उम्र १८ साल है. मैंने अभी 12th का एग्जाम दिया और रिजल्ट का वेट कर रहा हूँ. मेरे पेरेंट्स ने मुझे मेरी रोमा दीदी के पास दिल्ली भेज दिया. मैं भी टाइम काटने दिल्ली चला गया.
मेरी दीदी की शादी हुए ५ साल हो गए है, जीजाजी का दिल्ली में अच्छा बिज़नेस है. वहा उन्होंने काफी बड़ा बंगला बना रखा है. मैं काफी सालो बाद दीदी से मिल रहा था. जब मैंने दीदी को देखा तो दंग रह है, शादी के बाद दीदी क्या मस्त माल बन गयी है. सायद मैं अभी जवान हुआ हूँ इसलिए मुझे दीदी फटाका आइटम लग रही थी. दीदी की उम्र ३० साल है. रंग गोरा, ५’८” की लम्बी हाइट और चौड़ा भरा हुआ बदन है. दीदी का फिगर ३८-३२-४० है. बड़ी बड़ी आम के जैसी रसीली चूचियां और बाहर निकली हुई भारी गांड किसा का भी लंड खड़ा कर दे. दीदी मुझे देखकर काफी खुस हुई और गले लगा लिया. दीदी की विशाल चूचियां मेरे सीने में धंस रही थी और मुझे बहुत मजा आ रहा था.

दीदी: और करण कैसा है… मैं कब से तेरा वेट कर रही थी
मैं: ठीक हूँ दीदी..
दीदी: तू तो काफी बड़ा हो गया है..
मैं: वैसे बदल तो आप भी गयी हो..

दीदी ने मेरी नजरो को ताड़ लिया की मैं उनकी चूचियों की बात कर रहा हूँ.

दीदी: चल छोड़ ये सब … जाकर नहा ले मैं परांठा बनाती हूँ तेरेलिए
मैं: ठीक है दीदी

मैं अपने कमरे में जाकर नहाने लगा… मेरा लंड दीदी का गदराया बदन देख कर पूरा खड़ा हुआ था… मैंने डोर लॉक करना भूल गया था… और दीदी अचानक बाथरूम में आ गयी.. उस समय मैं बिलकुल नंगा था और मेरा ८” का लंड पूरा खड़ा हुआ था. दीदी काफी देर तक मेरे खड़े लंड को देख रही थी….

मैं: सॉरी दीदी …
दीदी: कोई नहीं भाई…. मैं तुझे टॉवल देने आयी थी.. वैसे बचपन में मैंने तुझे काफी नहलाया है… पर अब तू बड़ा हो गया है..

दीदी का इशारा मेरे लंड की तरफ था. फिर दीदी वहा से चली गयी. मैं भी जल्दी नहा कर लिविंग रूम में आ गया और टीवी देखने लगा… थोड़ी देर बाद दीदी पराठा ले कर आयी… जब वो झुकी तू उनका पल्लू थोड़ा सरक गया और मुझे उनके चुच्चो के दर्शन हो गए…क्या चूचियां थी साली की… बिलकुल तनी हुई पहाड़ के जैसी…दीदी ने ग्रीन कलर की साडी पहनी हुई थी…साडी में दीदी का बदन और कामुक लग रहा था..ब्लाउज का बैक पूरा ओपन था और गाला काफी डीप था… कसी हुई साड़ी में भारी गांड क़यामत लग रही थी.
फिर दीदी मेरे पास आ कर बैठ गयी और बातें करनी लगी.. दिन भर हमने गप्पे मारे.. दीदी को काफी अच्छा लग रहा था की कोई बात करने वाला मिला.. मैं तो छुप छुप कर दीदी की गदरायी जवानी को ताड़ रहा था…शाम को जीजाजी घर आये हम सबने एक साथ डिनर किया.. डिनर के बाद बालकनी में जीजाजी शराब पिने लगे और १० बजे जाकर अपने कमरे में सो गए… मैं और दीदी बालकनी में बैठे ठंडी हवा का मजा ले रहे थे…

दीदी: देखले भाई ये तेरा जीजाजी के रोज का है
मैं: क्या हुआ दीदी
दीदी: डेली घर आते है, शराब पीते है और सो जाते है… मेरे लिए तो इनके पास टाइम ही नहीं है…
मैं: कोई नहीं दीदी… मैं आ गया हूँ… आपका मन बहलाने
दीदी: अच्छा हुआ भाई… अब मेरा टाइम अच्छे से कटेगा…तेरे जीजाजी तो ध्यान ही नहीं देते मुझ पर..
मैं: वैसे अगर मेरे पास आपके जैसी सुन्दर और सेक्सी बीवी होती तो मैं उसे पूरा टाइम देता
दीदी: अच्छा बेटा तुझे मैं सुन्दर और सेक्सी लगती हो…
मैं: हाँ दीदी आप तो बहुत ही सुन्दर हो…
दीदी: और तुझे मैं सेक्सी भी लगती हूँ
मैं: और नहीं तो क्या दीदी…. गजब की माल हो आप…
दीदी: और क्या अच्छा लगता है मुझमे..
मैं: दीदी आप तो ऊपर से निचे तक माल हो… क्या गदराया हुआ बदन है आपका… दूध से भरी हुई ये बड़ी बड़ी चूचियां, पतली कमर और भारी गांड सब कुछ कयामत है दीदी
दीदी: तुझे शर्म नहीं आती अपनी बड़ी दीदी से ऐसे बात करते हुए
मैं: इसमें शर्माना कैसा दीदी… आपकी जैसी अगर मेरी गर्लफ्रेंड होती तो मैं उसे नंगा करके दिनरात चोदते रहता…
दीदी: छी भाई कैसी बात कर रहा है अपनी बहन के साथ
मैं: इसमें कुछ गलत नहीं है दीदी.. आज सुबह में आप भी तो मेरा लंड बड़े चाव से देख रही थी
दीदी: ओह्ह्ह भाई तेरा हथियार तो बहुत बड़ा है… तेरा जीजाजी का बहुत छोटा है.. मुझे सही से मजा भी नहीं आता..
मैं: दीदी क्यू ना आप मेरे हथियार से मजा लीजिये और मैं आपके बदन का मजा लूटता हूँ…
दीदी: पर भाई ये सही होगा….
मैं: दीदी इसमें गलत कुछ नहीं है.. आप कब तक प्यासी रहोगी… आपका भाई आपको जवानी के मजे देगा आज..

मैंने दीदी को गले लगाया और किश करने लगा.. थोड़ी देर बाद दीदी भी मेरा साथ देने लगी..मैंने दीदी को पीछे से पकड़ लिया और अपना लंड उनकी विशाल चुत्तड़ो में रगड़ने लगा… मैंने दीदी के बैक पर धीरे धीरे किश करने लगा, फिर मैंने नैक पर किश किया… दीदी अह्ह्ह्हह्हह उउउउउउउ की आवाजे निकल रही थी… मैंने उनका पल्लू गिरा दिया… उनकी चूचियां ब्लाउज से सिर्फ आधी ढकी थी… क्लीवेज की लाइन काफी डीप थी.. जिससे गोरी गोरी अधनंगी चूचियों के दर्शन हो रहे थे…. मैंने दीदी की चूचियों को दबा रहा था और दीदी मॉन कर रही थी…उनकी चूचियां मेरे हाथो में समां नहीं रही थी.. मैंने दीदी का ब्लाउज उतर दिया… उनकी चूचियां बड़े बड़े रसीले आमो की तरह लग रहे थे… जिन्हे मैं खूब मसल और चूस रहा था…. दीदी अब होश खो बैठी थी…. और बड़े जोर जोर से मॉन कर रही थी… फिर मैंने दीदी की साड़ी उतर दी और उनकी मोटी मोटी चिकनी टांगो को चूमने लगा.. बहुत ही सेक्सी और गोरी जांघे थी साली की… फिर मैंने दीदी की चड्डी उतर दी..
मैंने गद्दा लाकर बालकनी में ही बिछा दिया और दीदी को बिस्तर पर फेंक दिया… दीदी का नंगा बदन मेरी आँखों के सामने था… उनकी चुत बहुत ही प्यारी और सुन्दर थी… मैं उनकी बूर को चूसने लगा…… दीदी की मॉनिंग बढ़ गयी थी….

दीदी: उईईईईई …. उउउउउउउ …. भाई बस कर कितना चूसेगा
मैं: दीदी… मस्त चिकनी बूर है आपकी… पूरा रस पि जाऊँगा
दीदी:आअह्हह्ह्ह्ह … ओह्ह्ह्हह भाई बस कर … अपनी बहन को चोद डाल जल्दी से…. कब से प्यासी है तेरी दीदी…

फिर मैंने दीदी की बूर में अपना लंड सेट किया और एक जोर का धक्का मारा … मेरा लंड का सुपाड़ा ४” अंदर चला गया… दीदी की चुत बहुत टाइट थी.. लगता है काफी दिनों से चुदी नहीं है…

दीदी: उईईईईई माँ…. भाई दर्द कर रहा है … बहुत जालिम लंड है तेरा
मैं: उफ्फ्फ्फ़ दीदी आपकी बूर की गर्मी निकालने के लिया.. पूरा लंड पेलना पड़ेगा
दीदी: अह्ह्ह्हह भाई.. घुसा दे पूरा लंड मेरी बूर में और भोग ले अपनी दीदी का बदन…

मैंने २-३ धक्को में अपना पूरा लंड दीदी की बूर में घुसा दिया और धीरे धीरे दीदी को चोदने लगा… दीदी भी चुदाई में मेरा साथ दे रही थी….

दीदी: अह्हह्ह्ह्ह भाई…. और तेज मार
मैं: येले साली खा ले मेरा पूरा लंड..
दीदी: उफ्फ्फफ्फ्फ़ उउउउउउउ आईईईई …. करण माय लिटिल ब्रॉथर फ़क मी…
मैं: ओह्ह्ह्हह्ह मेरी रांड रोमा दीदी… जब से जवानी आयी है तेरा बदन भोगने के लिए तड़प रहा था.. आज जाकर मेरे लंड को ठंडक मिली है..
दीदी: ओह्ह्ह्हह्ह भाई… मैं तुम्हारी रंडी बनकर रहूंगी…. प्लीज फ़क मी डीपर …. हार्डर बेबी……फ़क माय पुसी …..

फिर मैंने दीदी को सम्भोग की पोजीशन में ले लिया… दीदी ने अपनी टांगो से मेरी कमर को जकड लिया और मैं दीदी को हग करके चोदने लगा.. मैं उनकी विशाल चूचियों को दबा दबा कर चोद रहा था……

दीदी: अह्हह्ह्ह्ह …. ओह्ह्ह्हह भाई … बहुत मजा आ रहा है… आज तू अपनी दीदी के साथ ही सम्भोग कर रहा है…
मैं: उफ्फ्फ्फ़ दीदी …. ऐसा सेक्सी बदन चोदने में बहुत मजा आ रहा है…
दीदी: उईईईईई….. हार्डर हार्डर बेबी…और भोग अपनी बहन का जिस्म… ले पूरी जवानी का मजा…

मेरा लंड धकाधक् दीदी की बूर को चोद रहा था…. एक घंटे की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैं दीदी की बूर में ही झड़ गया…
पूरी रात में मैंने दीदी को ४ बार और चोदा… हमारी आँख लग गयी और हम वही सो गए… सुबह हुई तो देखा जीजाजी वहा खड़े है.. मुझे लगा की जीजाजी काफी गुस्सा करेंगे पर वो काफी खुस थे..

जीजाजी: शाबास करण… लगता है रात भर तुमने खूब चोदा है अपनी दीदी को
मैं: नहीं जीजाजी …
जीजाजी: अरे घबराओ नहीं .. मैंने ही तेरी दीदी को बोला था की करण को बुलवा लो और बात बन जाये तो चुदवा भी लेना उससे
मैं: क्या दीदी.. ऐसा है
जीजाजी: अरे तेरी दीदी का नहीं मेरा आईडिया था… वैसे भी मेरा लंड सही से खड़ा नहीं होता… और मैं नहीं चाहता की तेरी दीदी किसी बाहर वाले से जाकर चुदे… अब तुम्हे ही चोदना है अपनी बहन को…..
मैं: पर जीजाजी कुछ दिनों में तो मैं चला जाऊँगा फिर
जीजाजी: कही जाने की जरुरत नहीं… मेरी बहन मधु भी तेरी उम्र की है.. मैं तेरी शादी उससे करवा दूंगा… और घर जमाई बना लूँगा.. फिर तू यही रहकर २ मालो को चोदना
मैं: वाह जीजाजी …. यू आर ग्रेट

फिर जीजाजी काम के सिलसिले में बाहर चले गए और ४ दिनों तक नहीं आये.. इन चार दिनों में मैंने दीदी को ४० बार चोदा होगा… हर पोजीशन में और हर जगह मैं दीदी को चोद चूका हूँ..

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