मेरी बुआ बिनिता

मेरे पापा की सबसे छोटी बहन बिनिता कानपुर के पास उन्नाव मे रहती है, वो हमलोगो के पास कभी कभार ही आती है ! एक शाम पापा का मोबाइल बज रहा था तो मै जाकर उनके मोबाइल पर बात करने लगा और फ़िर मोबाइल पापा को दे दिया, वो अब अपनी बहन बिनिता से बात कर रहे थे ! रात्री भोजन के समय पापा ने बताया की मेरी बुआ कल आ रही है, लगभग 5-6 साल बाद बुआ से मिलने वाला था !

रविवार होने के कारण मै भी घर पर ही था और पापा भी, तकरिबन 10:00 बजे बुआ घर पहुंची और फ़िर सब साथ मे चाय पीने लगे ! बुआ 28-29 साल की मस्त माल दिख रही थी और हरे रंग़ की साड़ी, बिन बाह्न वाले ब्लाउज पहनकर सुंदर लग रही थी ! मै बुआ के स्नान का इंतजार कर रहा था ताकि उनके नग्न जिस्म को बगान की ओर से बाथरूम मे झांककर देख सकु ! थोड़ी देर बाद बुआ मेरे मम्मी के कमरे मे गयी और मै सबसे नज़र चुराकर घर के बगान की ओर चला गया, मम्मी के बाथरूम का एक छोटा सा हिस्सा खुला हुआ था ताकि बाह्ररी रोशनी और हवा अंदर आ सके, उसी से बाथरूम मे झांककर अपनी चाची को नग्न स्नान करते देखा था ! मै बगान की ओर गया और उस खिड़्की से अंदर झांकने लगा, बुआ अपने कपड़े को उत्तार रही थी, उनके बदन पर से साड़ी गायब था और उनकी बड़ी-2 चुची ब्लाउज फ़ाड़ने को आतुर थी, तभी बुआ अपने ब्लाउज को उत्तार दी ! उनके ब्रा मे चुची और निप्पल दिख रहे थे, वो अपने कमर पर हाथ रखी और साया के ड़ोरी को खोल दी, उनका बदन नग्न था और उनकि चुचि से लेकर जङ्हा तक को निहारते हुए मेरा लंड़ फ़नफ़ना उठा ! उनके मोटे -2 जाङ्ह जब अलग हुए तो चमकता हुआ बुर देखने को मिला, उसपर बार का नामो निशान तक नही था !

बुआ अब पलट गयी और उनके गोल गुम्बदाकार गांड़ का दर्शन हुआ ! वो झरने के निचे स्नान करने लगी और मै अपना लंड़ बरमुड़ा के किनारे से निकाला और लंड़ हिलाते हुए बुआ के चिकने नितम्ब को देखने लगा, उनका पुरा बदन गिला हो चुका था और वो अब झरना बंंद करके बदन पर साबुन लगाने लगी ! बिनिता बुआ का चेहरा अब मेरी ओर था और उनके रसिले ओंठ से लेकर स्तन तक को देखता हुआ मै मुत्थ मार रहा था, बुआ अपने दोनो जङ्हा को फ़लकाकर खड़ी थी और उनकी बुर को देख तो जी कर रहा था की अभी उनको चोद ड़ालु ! बुआ अपने बुर के रान को खोलकर उसमे साबुन लगाने लगी और मुझे उनके भग्नासा का दिदार हुआ, मेरी बुआ 28 साल की उम्र मे मद्मस्त जवानी लग रही थी ! वो आंखे बंद किये स्नान कर रही थी और मै उनके नग्न जिस्म का दिदार कर रहा था, चुची की घुंड़ी से लेकर मोटे-2 केले के थम समान जङ्हा और फ़िर ब्रेड़ पकोड़े की तरह फ़ुली हुई उसकी बुर, मेरा लंड़ अब झरने पर था तभी बुआ दुबारा अपने गांड़ का दर्शन कराई! मेरे लंड़ से विर्य फ़ेंक दिया !

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Linga11

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