माया चाची के साथ मौज मस्ती

मम्मी की सहेली माया ने मुझे फ़ोन करके घर आने को बोला और मै घर से कालेज के लिये निकला और उनके घर पहुंच गया, उनके पति अपने आफ़िस के लिये निकल चुके थे और माया चाचि मुझे देख काफ़ी खुश हुई! वो आसमानी रंग़ की साड़ी, बिन बाहो की ब्लाउज और साया पहनकर मस्त दिख रही थी, मै हाल मे घुसते के साथ ही दरवाजा बंद किया और माया को अपने सिने से लगा लिया ! माया मेरे से चिपके खड़ी थी तो मै उसके गाल पर चुम्बन देने लगा और चुत्तर को सहला रहा था, वो अपने स्तन को मेरे छाती से रगड़ने लगी जबकि मै माया के चेहरे को चुमता हुआ ओंठ को चुसने लगा, माया पल भर मे मेरे मुह्न मे अपना जिभ ड़ालकर चुसवाने लगी तो मेरा हाथ उनके साड़ी को सिने से निचे कर दिया! माया मेरे मुह्न मे जिभ ड़ाले खड़ी थी तो मै उसके साड़ी को कमर से भी हटा दिया और वो जिभ बाहर करके सिर्फ़ साया और ब्लाउज पहने खड़ी थी !

माया काम की देवी लग रही थी और मै उनको निहारता हुआ अपना कपड़ा खोलने लगा, सिर्फ़ चड़्ही पहने उनके सामने खड़ा था और माया के चुचि को मसलता हुआ ब्लाउज की ड़ोरी खोल दिया ! उसके दोनो गोल-2 चुचि ब्रा मे कैद थे तो मै उनके चुचि के उपरी नग्न भाग को चुमता हुआ उनके साया की ड़ोरी को खोल दिया, साया ज़मीन पर था तो वो दोनो जङ्हा को सटाए खड़ी थी ! मै उनके ब्रा को खोलकर उनको पुरी तरह से नग्न कर दिया और फ़िर दोनो बेड़ पर चले गये, वो बिस्तर पर सो गयी तो मै उसके सिने पर झुककर चुचि के अग्र भाग को मुह्न मे भर लिया और चुसते हुए उनके दुसरे स्तन को मसलने लगा ! वो मुझे अपने छाती से लगाये स्तनपान करा रही थी और मै दुसरी चुचि को मुह्न मे लेकर चुसने लगा और वो मेरे चड़्ही को उतारने की कोसिस कर रही थी ! अब उनके पेट से लेकर कमर तक को चुमता रहा और वो छटपटाने लगी, तभी एक तकिया उनके नितम्ब के निचे लगाकर जङ्हा को फ़ैलाने लगा ! मेरे सामने चिकनी चुत थी, ब्रेड़ पकोड़े की तरह फ़ुली हुई और दोनो फ़ांक मस्त, अब मै झुका और उनके कमर को थामे जङ्हा को चुमने लगा ! माया की दोनो मोटी-2 जङ्हा को चुमकर अब अपना मुह्न उनके बुर पर लगा दिया, बुर पर चुम्बन देता हुआ मस्त हो रहा था तभी माया कामुकता की आगोश मे आकर अपने बुर को उंग़ली की मदद से फ़लका दी और मै अपने जिभ से उनकी बुर कुरेदने लगा !

माया की गुलाबी रंग़ की भग्नासा के अंदर मेरा पुरा जिभ आसानी से जा रहा था और कुत्ते की तरह चाटता हुआ उसके जङ्हा को कसकर पकड़ रखा था ! वो सिसकने लगी और मै उनकी बुर के दोनो फ़ांक को मुह्न मे भरकर चुभलाने लगा, उनके बुर के मांसल फ़ांक को चुसता हुआ मै उनके गददेदार गांड़ को मसल रहा था, वो चिंख पड़ी….. “अरे निखटु बुर को छोड़ नही तो मुह्न मे ही मुत दुंग़ी. “खैर वो बाथरूम भागी तो मै भी बाथरूम घुसा, माया चाचि बैठ्कर छर-2 मुत रही थी, वो अपने योनि को साफ़ करके रूम गयी तो मै भी उनके पास आया! अब माया मुझे बिस्तर पर सुलाकर मेरे कमर के पास बैठ गयी और सर झुकाकर मेरे लंड़ को थाम ली ! वो अब लंड़ के सुपाड़ा को अपने गाल और ओंठ पर रगड़ने लगी और फ़िर सुपाड़ा को ओंठो के बिच लेकर चुसते हुए झांट मे उंग़ली घुमा रही थी ! 40 साल की चुदक्कड़ औरत फ़िलहाल मेरे लंड़ को चुभलाते हुए मस्त हो रही थी, पल भर बाद वो अपने मुह्न से मेरा लंड़ बाहर की !

माया आराम से बिस्तर पर सो रही थी और मै उसकी कमर के पास बैठे बुर पर हथेली रगड़्ने लगा और माया बोली….. “राह्लल अब चोदो ना बुर मे खुजली हो रही है

(राहुल दो उंग़ली माया की चुत मे पेल दिया) जानेमन जरा तेरी बुर रस तो फ़ेंक दे. ” और मै माया की बुर को उङ्ली से कुरेदने लगा, वो खुद ही अपने चुची को मसलने लगी और पल भर बाद चिंख पड़ी……. “आह्ज ऊह्हज मेरी बुर से पानी फ़ेंकेगा. ” और मेरी उङ्ली को ज्योही रस का एह्सास हुआ, उङ्ली बुर से निकाल माया के मुह्न मे दिया ताकि वो अपनी बुर के रस का स्वाद जान सके, अब अपना मुह्न माया की बुर पर लगाकर बुर को चाट्ने लगा और रस का स्वाद लिया ! माया की बुर के फ़ांक पर सुपाड़ा रगड़्ता हुआ अपना लंड़ अंदर ड़ाला और फ़िर बैठे-2 माया को चोदने लगा, उसकी रसिली चुत मे लंड़ तेजी से अंदर बाहर होने लगा और मै उनके मांसल जिस्म पर ओंधकर बुर पर तेज ठाप मारने लगा ! माया के ओंठ और गाल को चुमता हुआ धकाधक लंड़ पेल रहा था तभि वो अपने चुत्तर को उपर निचे करते हुए चुदाई का मजा देने लगी ! मेरा लंड़ उसकी बुर के गहराई मे खो जाता था, पता नही 7-8 इंच लम्बा लंड़ कैसे 40 साल की औरत को मजा दे रहा था ! माया के चुचि मेरे सिने से दब रहे थे और 12-14 मिनट की चुदाई के बाद उसकी बुर आग की भटटी हो चुकी थी तो मेरा लंड़ गरम हो चुका था, अब दोनो हांफ़ने लगे और मै चिंख पड़ा…….. “आआह्हह ऊह्हह्हह्हह माया मेरा लंड़ रस फ़ेकने वाला है

(माया) तो चिल्ला क्यो रहा है. ” फ़िर माया की बुर मे विर्यपात हो गया !

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Linga11

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