नौकर ने मुझे खूब चोदा

मेरा नाम पिंकी है और मैं दिल्ली में रहती हु

मेरे पापा खेती का काम करते हैं. हमारा घर गांव से बाहर खेतों में है. मेरा भाई कॉलेज में पढ़ाई करता है.

हमारे परिवार में 3 लोग हैं, मेरे पापा मेरा छोटा भाई और मैं.

अब मैं अपने बारे में बताती हूँ. मेरी उम्र 26 साल है मैंने बी एस सी नर्सिंग की हुई है मेरा कद 5’7″ इंच है, मेरा रंग दूध जैसे गोरा है मेरी छाती 38″ और कमर 34″ है. मेरे चूतड़ बहुत गोल और बाहर को निकले हुए हैं जिनको देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाये. मैं अपनी पूरी बॉडी की वैक्सिंग करवा के रखती हूँ.

हमारे घर में खेती और भैंसों का काम करने के लिए एक बिहारी नौकर रखा हुआ है, उसका नाम राजेश है, वो देखने में बहुत सुन्दर लगता है और बॉडी वी बहुत अच्छी बनाई हुई है. मेरा भाई कॉलेज में रहता है दिन में और पापा खेती के काम में बिजी रहते हैं. कई बार भैंसों का दूध निकालने में मुझे राजेश की मदद करनी पड़ती है.

मुझे टाइट सूट पहनने का बहुत शौक है. राजेश की उम्र 30 साल की है और उसकी मुझ पर निगाह रहती थी, इसका मुझे पता था लेकिन मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया था.

एक दिन मेरी सहेली ने मुझे एक इंडियन सेक्स वीडियोस साईट पर से एक पोर्न वीडियो का लिंक सेंड किया, उसको देख कर मुझमें सेक्स की इच्छा जागने लगी थी. फिर मैं रोज़ उस साईट पर पोर्न वीडियो देखने लग गयी थी पर मुझे संतुष्टि नहीं मिल रही थी.

तभी एक दिन मैंने राजेश को, घर के बाहर जो हमारे खेतों में मोटर है, उसको वहां नहाते हुए देखा. मुझे उसका लंड अंडरवियर में से दिख गया वो काफी मोटा और बड़ा लग रहा था. राजेश ने भी मुझे देख लिया, हम दोनों ने बस एक स्माइल ही पास की. फिर मैं घर के अंदर आ गयी.

उस दिन से मैंने राजेश के बारे में सोचना शुरू कर दिया, वैसे मुझे घर मैं बहुत टाइम मिलता था, जब हम दोनों ही घर पर होते लेकिन फिर भी मन में डर रहता था.

अब जब भी मैं दूध निकालती थी तो मैं अपने बदन को थोड़ा एक्सपोज़ करती रहती थी राजेश को… वो भी समझने लगा था मेरी हरकतों को!

एक दिन भैंसों के बीच मेरे चूतड़ उसके लंड से छू गए. वो क्या टच था मुझ में से तो करंट सा निकल गया था.

उस दिन के बाद तो इस तरह से टच करना रोज़ का काम हो गया था.

एक दिन तो राजेश ने मेरे बूब्स को भी पकड़ लिया था और मसलने लगा था. मैंने उसे रोका कि किसी दिन सेफ जगह पर करेंगे. उसके मुँह में तो पानी आ गया था.

हम किसी दिन का इंतज़ार करने लगे जब घर पर कोई न हो और हमारे पास खुला टाइम हो!

तो वो दिन तो नहीं आया.

मगर एक रात आ गयी जिस दिन मेरा भाई घर पर नहीं था और पापा बीमार थे. मैंने उनको एक छोटी सी नींद की गोली दे दी थी और में बाहर खेतों में मोटर वाले कमरे पर चली गयी. वहां राजेश मेरा इंतज़ार कर रहा था.

उसने जाते ही मुझे दबोच लिया और अपने होंठ मेरे गुलाबी होठों पर गड़ा दिए. वो मेरी ज़िंदगी की पहली चुम्मी थी. उसने मेरे होठों को पूरा चूस लिया था और अपने हाथ मेरे चूतड़ों पर मसल रहा था.

मैंने टीशर्ट और लोअर पहनी हुई थी, उसने मेरी टीशर्ट उतार दी और ब्रा को भी निकाल दिया. मेरे चूचुक गुलाबी रंग के हैं और बूब्स पूरे गोरे हैं. उसने अपने मुँह में ले लिए और चूसने लगा. मैं तो जैसे सातवें आसमान पर महसूस कर रही थी.

उसने चूस चूस कर मेरे बूब्स को लाल कर दिया था.

फिर वो मेरी गर्दन को किस करने लगा, फिर उसने मेरे गालों को चूसना शुरू कर दिया और अपने दांतों से चबाने लग गया. फिर उसने मेरी लोअर को भी उतार दिया. मैंने पिंक कलर की पेंटी पहनी हुई थी जो राजेश ने उतार दी और मेरी टांगों को खोल कर अपना मुँह मेरी चूत पर लगा दिया.

मेरी चूत भी गुलाबी रंग की है जिसको उसने चाट कर लाल कर दिया था. मैं तो पूरा कांप रही थी मगर साथ में मज़ा भी बहुत आ रहा था. क्या चाटा था उसने अपनी जीभ से मेरी चूत को!

फिर उसने अपने कपड़े उतार दिए और 7 इंच लम्बा और मोटा लंड मुझे चूसने को कहा. मैंने जैसा पोर्न वीडियो में देखा था, उसी तरह से चूसना शुरू कर दिया. कुछ देर बाद वो झड़ गया, मेरी चूत से भी उसने पानी निकाल दिया था.

अब समय आ गया था मेरी चुदाई का…

तो उसने अपना लंड मेरी चूत पर सेट कर दिया और चूत पर लंड को सहलाने लगा. मुझे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था. फिर उसने थोड़ा सा धक्का मारा लेकिन लंड अंदर नहीं जा रहा था क्योंकि लंड काफी मोटा था.

उसने मुझे कहा- तुम को थोड़ा ज्यादा दर्द होगा जो तुमको सहन करना होगा.

फिर उसने मेरे होठों पर अपने होंठ सटा दिए और ज़ोर से झटका मारा. मेरी तो जान ही निकाल दी उस झटके ने… मेरी आँखों से पानी आ गया, मेरी चीख गले में ही रह गयी.

उसने एक और धक्का मारा, उससे लंड थोड़ा और अंदर चला गया.

वो उसी पोजीशन में रुक गया. 5 मिनट के बाद उसने एक और झटके से पूरा लंड मेरी कुंवारी चूत में डाल दिया. फिर जब उसने अपने लंड को बाहर निकाला तो मैंने देखा के उस पर खून लगा हुआ था. फिर उसने मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा.

अब मुझे दर्द कम हो गया था और अपनी पहली चुदाई का मज़ा आने लगा था.

फिर उसने अपनी स्पीड को तेज़ कर दिया, मेरा शरीर कसने लग गया और मैं चरम सीमा पर पहुंच गयी. उस दिन फिर उसने मुझे डोगी स्टाइल में चोदा. मैं उस दिन कई बार झड़ गयी थी. उसने मेरी चूत को पूरा खोल दिया था और मेरी चूत काफी सूज भी गयी थी.

उस दिन से लेकर राजेश ने मेरी बहुत चुदाई की है.

मुझे उम्मीद है आपको मेरी यह कहानी पसंद आयी होगी.आप सबको मेरी कहानी कैसी लगी. आप सब मेल कर के मुझे बताये. मुझसे चाट करने के लिए मेल करिए. मैं आपके मेल का इंतजार करुँगी.

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धन्यवाद

Comments

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misspinkysingh

mujhe sex story bahut pasand h. ap sabko meri story acchi lagti h to mujhe mail kariye aur bataye meri story ap sabko kaisi lagi.