दिपा की सहेली राखी

मै राहुल आपसबो को एक ऐसे वाक्या से वाकिफ़ कराने जा रहा हु जोकि बिल्कुल सत्य है, लेकिन नाम मे सिर्फ़ परिवर्तन किया गया है ! मेरी दिदी दिपा देल्ही मे अपने पति के साथ रह्ती थी तो मेरा परिचय उनके घर मे ही उनके सहेली के साथ हुआ, राखी देखने मे खुबसुरत तो थी साथ ही दिदी की हमउम्र भी, 24-25 साल की शादिशुदा लड़्की तो उनके दोनो स्तन मानो दो पर्वत की चोटी हो और गांड़ का उभार तो देख लंड़ तड़प उठ्ता था ! राखी मेरे साथ हमबिस्तर हो चुकी थी और अपने पति के काम कला से नाखुश रहा करती थी तो मै दिदी के घर पहुंचते ही उनसे मिलने दोपहर मे चला गया, उनका दरवाजा खटखटाया तो कुछ देर बाद राखि मुस्कुराते हुए दरवाजा खोली…… “आओ राहुल मै तुम्हारा ही इंतज़ार कर रही थी. ” और मै उसके हाल के सोफ़ा पर बैठकर राखी का इंतज़ार करने लगा, वो मेरे सामने से कमर बल्खाते हुए किचन की ओर गयी !

राखी उधर से वापस आई तो हाथ मे एक बियर की बोतल और ग्लास थी तो मै अपनी जेब से सिगरेट का पैकेट निकाला और वो मुस्कुराते हुए मेरे बगल मे बैठ गई ! राखी चुदाई का पुरा तैयारी कर चुकी थी, एक ब्लु रंग़ के गाउन मे सेक्सी दिख रही थी, वो थोड़ा सा आगे की ओर झुकी और दो ग्लास मे बियर ड़ालने लगी तो मै उनके ड़ीप गले वाले गाउन के अंदर झाकने लगा, उसकी गाउन आधे जङ्हा तक को ढ्की थी तो वो मुझे ग्लास थमाकर मुस्कुराई…. “चल अब बियर पी राहुल क्या अंदर झांक रहे थे. ” दोनो ग्लास को टकराये और फ़िर ‘ चियर्स ‘ किये तो मुझे मिनट भी नही लगा एक ग्लास बियर पीने मे…… “राखी अंदर देख रहा था की तेरी चुचि ब्रा मे क़ैद है या नही. ” वो बियर पीते हुए मेरे शर्ट को खोलने लगी तो मै उसके स्तन को गाउन के उपर से ही मसलने लगा, राखी मेरे शर्ट और जिंस को उतार फ़ेंकी तो मै सिर्फ़ चड़्ही मे बैठा हुआ था ! अब मै ग्लास मे बियर ड़ालने लगा तो वो मेरे करीब होकर मेरे गाल चुमने लगी, अब मै सिगरेट को जलाया और दोनो बियर पीते हुए सिगरेट का भी मजा ले रहे थे ! राखी नशे मे दिख रही थी तो मै उसके गाउन को जङ्हा से उपर कमर तक कर दिया, काले रंग़ की पेंटी पहनकर अपने चुत को छुपा रही थी ! मै राखी के स्तन को दबाने लगा तो वो दुसरा ग्लास बियर पीते हुए बोली…… “राहुल मेरा पति मुझे चोदकर मस्त नही कर पाता है, बहुत जल्द उसका लंड़ झड़ जाता है

(राहुल) चिंता मत करो राखी जब भी आउंग़ा तुझे चोदकर ही जाउंग़ा. ” अब मै राखी को अपने जङ्हा पर बिठा लिया तो वो मेरे गर्दन मे बाहो का हार ड़ाल दी और दोनो एक दुसरे के ओंठ को चुसने लगे ! राखी अपना जिभ मेरे मुह्न मे घुसा दी तो मै उसके जिभ को चुसता हुआ स्तन को मसलने लगा जबकि उसका एक स्तन मेरी छाति से चिपका हुआ था ! राखी की आंखे बंद हो चुकी थी तो सांसे तेज चल रही थी और मै उसके जिभ को छोड़कर गाल से गर्दन तक चुम्बन देने लगा !

राखि की चुत सिर्फ़ पेंटी से ढ्की हुई थी तो मै उसको सोफ़ा के किनारे पर बिठाया और खुद ज़मीन पर बैठा, उसके दोनो पैर सोफ़ा पर ही दो दिशा मे थे तो मै अब उसके पेंटी को खोल दिया और बुर को सहलाता हूआ उसके जङ्हा को चुमने लगा ! वो सिसक रही थी तो मै उसके दोनो चिक्ने जङ्हा को चुमा और अब बुर पर ओंठ लगा दिया, राखी की चुत ब्रेड़ पकोड़े की तरह फ़ुली हुई थी तो वो खुद बुर को फ़ल्का दी और मेरा जिभ उसकी बुर को चाट्ने लगा, मेरा पुरा जिभ उसकी चुत मे कुत्ते की तरह लपालप चाट रहा था तो क हाथ उसके स्तन को दबा रहा था ! राखी की फ़िगर 32-28-36 की होगी और मै पल भर बाद उसके बुर के दोनो फ़ांक को मुह्न मे लिया और चुसने लगा तो वो चिल्लाने लगी….. “ऊओझ्हज्ज ऊऊम्मम्मम्म राहुल मेरी बुर मे किड़े रेंग़ रहे है चोदो ना आह्हह कितनी खुजली हो रही है. ” मेरा लंड़ चड़्ही के अंदर फ़नफ़नाने लगा तो मै राखी के सामने खड़ा हो गया और वो मेरे चड़्ही को खोल दी, मेरा मुसल लंड़ उसके हाथ मे था तो वो सोफ़ा पर बैठे-2 लंड़ को चुमने लगी, मुझसे नज़र मिलाते हुए सुपाड़ा को मुह्न मे ली और धीरे-2 पुरा लंंड़ मुह्न मे लेकर चुभलाने लगी, 2-4 मिनट लंड़ को मुह्न मे रखी फ़िर मुह्न से लंड़ को बाहर करके उस पर जिभ फ़ेरने लगी, वो पुरे लंड़ पर जिभ फ़ेरते हुए उसे चाट रही थी तो मेरा 7-8 इंच लम्बा 2 इंच मोटा लंड़ चोदने को आतुर था ! राखी फ़िर से मुह्न मे लंड़ को ली तो मै उसके बाल को थामे अब लंड़ से उसके मुह्न को ही चोदने लगा, सुपाड़ा राखी के गले तक जाकर फ़ंस रहा था तो मै उसके मुह्न को तेजी से चोदने लगा और वो मेरे कमर को पकड़कर रखी थी, 2-4 मिनट के बाद वो लंड़ छोड़ी और इसारे मे बताई की उसकी चुत गिलि हो चुकी है ! मै ज़मीन पर बैठा और उंग़ली की मदद से बुर को फ़ल्का दिया, अपने जिभ से रस को चात्ने लगा तो वो सिसक रही थी, फ़िर दोनो बाथरूम जाकर फ़्रेश हुए !

राखी एक बोतल बियर लेकर आई और दोनो फ़िर से बियर पीने लगे तो वो मेरे छाति को सहलाते हुए बोली…… “राहुल अब और बर्दशात नही होता

(राहुल) अब क्या चाहिए तुम्हे

(राखी) अरे चुदाई बिना किये चले जाओगे क्या

(राहुल) खड़ा लंड़ लेकर दिदि के घर जाउंग़ा और दिदि को चोदुंग़ा

(राखी के होश उड़ गये) क्या तुम दिपा को भी चोद चुके हो

(राहुल) सुहागरात को जिजा पीकर सो गया था तो दिदि मुझे बुलाई

(राखी)ओह मतलब की सुहागसेज पर तुम दिदि को चोदे

(राहुल) क्या करता दिदि मुझे दबोच ली और फ़िर मै भी भुल गया की वो मेरी बड़ी बहन है

(राखी) ओह खैर जो होना था वो हुआ तो क्या उस रात के बाद भी

(राहुल) जब एक बार चोद लिया तो फ़िर क्या दिककत था अब तो मौका मिलते ही चोद लेता हु. “खैर मैने राखी को ज़मिन पर खड़ा कर दिया और वो अपने कोहनी को ड़ायनिंग़ टेब्ल पर रखी तो उसका अगला हिस्सा झुका हुआ था और पिछ्ला हिस्सा हवा मे था, एक चौपाया जानवर की तरह वो खड़ी थी तो मै उसके चुत्तर के सामने खड़ा होकर लंड़ को बुर मे घुसाया, आधा लंड़ उसकी बुर मे गया तो मै राखी के कमर को पकड़कर जोर का धक्का बुर मे दिया, मेरा पुरा लंड़ बुर मे था तो वो चिल्लाने लगी…… “ओह्हह्ह ऊम्मम्मम कितना कड़ा लंड़ है तेरा राहुल आह्ह जोर से चोदो ना. ” और मै पुरे गति से राखी की बुर को चोदने लगा और वो अपने चुत्तर को हिला ड़ुलाकर मजे देने लगी ! बियर के नशे मे झुमते हुए मै राखी की बुर को चोद रहा था तो वो अपने गांड़ को आगे पिछे करते हुए मेरे लंड़ का मजा ले रही थी ! मेरा लंड़ पुरी तरह से गरम हो चुका था और मै अगर ब्रेक नही लेता तो लंड़ जल्द ही झड़ जाती, इसलिये मै बाथरूम जाकर पहले तो मुता और फ़िर आकर खड़े-2 राखी को चोदने लगा लेकिन अबकी बार राखी मेरे सामने सिधे खड़ी थी और उसका एक पैर ज़मीन पर तो दुसरा कुर्सि पर था, मै उसके कमर को थामे निचे से बुर को पेल रहा था और वो मुझसे चिपककर खड़ी थी, 12-14 मिनट की चुदाई के बाद मै चिंखा…… “ओह्हु आह्हह्ह राखी ये लो मेरा माल झड़ा. ” तो मेरा लंड़ बुर मे विर्यपात कराकर शांत पड़ गया लेकिन राखी मेरे लंड़ को चुसकर विर्य का स्वाद चख ली !

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Linga11

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