चाची और चाची की दो बेहने – 1

हेलो दोस्तों, नमस्कार। मे सेक्स स्टोरीज का नियमित पाठक हु 3 साल से। यहांके कहानियां मस्त हैं। मैं सोच क्यों न मेरी कहानी सबको बता दु।

पहले यहां सब आंटियां और भाभियो को मेरा लैंड की तरफ से भरपूर प्रणाम। अब हम कहानी में चले जाते हैं।

मेरा नाम ज़ीशान (नाम बदल हुवा है) है। मैं आबि बैंगलोर में रहता हूं। मेरा गांव बैंगलोर के करीब है। मेरे बारे में बता देता हूं, मेरा हाइट 5 फुट 8 इंच है। मैं देखने मे बहुत हैंडसम दिखता हु, ऐसा सब लोग बोलते है। और मेरा लैंड के बारे में बताऊ तो, वो करीब 7 इंच का है लेकिन  काफी मोटा है 3 इंच तक।

ये कहानी मेरी और मेरी चाची के बीच गुज़री सच्ची घटना है। ये घटना 5 साल पहले वाली है। अभी मेरा उम्र 23 है।

मेरे चाची का नाम रेशमा (नाम बदला हुवा है) है। जब चाचा की शादी हुवी तब मैं 5 साल का बचा था। चाची जब पहली बार अपने घर आई मैं बहुत खुश था। चाची मुझे रोज़ खाना अपने हाथों से खिलाति थी।  3 साल बाद चाचा और चाची पास वाले टाउन अलग चले गए। मैं बहुत दुखी था। क्योंकि मेरी प्यारी चाची मुझसे दूर जा रही थी।

मैं भी पढ़ाई के कारण पास वाले टाउन जाना पड़ा हायर स्कूल के लिए। कबि कबि चाची के घर जाता था। 10 वी शुरू होने वाली थी। 10वी मैं एक्स्ट्रा टूशन्स स्पीशल क्लासेज की वजह से ट्रेवल करना मुश्किल था। इसलिए वही चाची के घर रहना पापा सही सोचा। तो पापा बोले चाचा के घर में रहके पढ़ाई करलेना। मैं वहां शिफ्ट होगया। चाची बहुत खुश थी। चाची के 1 बेटा 1 बेटी थी। वो मुझसे बहुत प्यार करते थे। मैं पढ़ाई में टोपर था तो सब लोग मुझे पसंद करते थे। चाची तो बहुत ज़्यादा पसंद करती थी। आबि तक चाची के और कोई बुरी खयाल नाइ थी।

एक दिन सुबह जब मैं हॉल में सोफे पे बैठ कर पढ़ाई कर रहा था। तब चाची पोछा लगाने आयी। चाची नाइटी में थी। जब चाची पोछा लगाने के लिए मेरे सामने झुकी, क्या नज़र था दोस्तों, मेरे होश उड़ गई। पहली बार देखा था मैं ऐसे। उनके बड़े बड़े स्थान बाहर झांक रहे थे। मैं देखते ही रहगया। अचानक चाची ने मुझे देखलिया, पास वाली ओढ़नी ऊपर ओडलिया। मुझे बुरा लग।

मैं पश्चात करने लगा। मैं चाची से आंखें मिला नाइ पा रहा था। लेकिन चाची ये सब नजर नाइ रखते हुवे मुझसे ठीक से बात किया। मेरा टेंसन थोड़ा कम हुआ। लेकिन आबि भी वो नज़रा मेरे आंखों के सामने चल रहा था। वो बड़े बड़े स्थान। माफ कीजिये मैं आपको अपने चाची के बारे में बताया नहि। अब बताता हूं। चाची का रंग एक दम गोरा है। चाची का हाइट थोड़ा कम है 5 फुट 2 इंच था। चाची का उम्र मुझसे 15 साल बडा है। उनके बड़े स्थान 34 के है और कमर 28 की और गांड 36 है। जो भी उनको देखेगा उनका खड़ा होजाता है। बहुत ही सेक्सी माल है मेरी चाची। लेकिन बहुत अछि है।

उस दिन से दिल मे चाची के और वासना जागने लगी। जब भी वो पानी नहानी जाती थी चुपके देखता था। पानी नहाके आने के बाद मैं बाथरूम जाकर उनके ब्रा और पैंटी सूंघ त था। और वो हाथ में पकड़के मुठ मरता था। ये सब चाची को पता नही था।

दिन गुज़र गए मेरा 10 वी  खाताम हुई। मैं 95 परसेंटेज से स्कूल फर्स्ट आया। सब खुश थे। मैं सबको स्वीट्स दे रहा था। चाची के घर भी स्वीट बॉक्स लेके पहुंचा। चाची सबसे ज़्यादा खुश थी। मुझे गले लग गयी और बोली कांग्रट्स। पहली बार चाची ने मुझे गले लगा था। पहली बार किसी औरत ने मुझे गले लगा था।

चाची : मैं  बहुत खुश हूं तुम्हारी कामियाब से। मेरे घर मे रहकर इतना अछे अंक लिया। अब स्वीट कहा है?

मैं : आपको कैसे न दू। आपके लिए तो पूरा बॉक्स लेके आया हु।

(मैं बॉक्स निकालके स्वीट चाची को खिलाया)

चाची मुझे स्वीट खिलाई और मेरे गाल पे किस किया। मैं चौंक गया। लेकिन मैं कुछ कर नई पाया, क्योंकि मैं छोटा था 15 इयर्स का। हिमथ नही थी।

चाची : आगे क्या प्लान बनाये हो?

मैं : अब तो नेक्स्ट बैंगलोर जाना है।

चाची : तुम वह चले जाओगे तो तुम्हारी चाची बोर होजाएगी जीशान।

मैं : अब जाना ही पड़ेगा, यहां अच्छे कॉलेज नही है।

चाची :  अच्छे से पडलेन, और कबि कबि यहां आया करो।

उस पल बहुत कठिन था, मैं बैंगलोर जा रहा था। 2 साल बहुत एन्जॉय किया बैंगलोर में, लेकिन आबि भी चाची की याद आती थी। हॉलीडेज अगये और मैं घर आ रहा था। घर गया और सबको बात किया। और मैं चाची के घर (पास वाले टाउन ) निकल गया। अब मुझे रह नही जा रहा था। चाची के घर पहुंचा, और डोर बेल्ल बज दी।

चाची : कौन है?

(आवाज बाथरूम से आ रही थी)

मैं : मैं जीशान बोल रहा हु चाची।

चाची : अरे जीशान बेटा कब अये ? रुको आ रही हु।

चाची पानी नहाने के बीच से उठके आयी पेटी कोट बन्दके। और डोर थोड़ा खोल और जल्दी अंदर आने को कहा।

मैं : चाची मैं वाइट् करलेता, इतनी भी जल्दी नही थी।

चाची : अरे कोई नई, मैं आबि नहाके अति हु वाइट् करो।

चाची तो बोलके बाथरूम गयी और जल्दबाज़ी में डोर को लॉक नही किया। चाची को उस तरह देख कर मेरा मन खराब होगया। मैं बाथरूम के आगे ही बाथ गया। और चाची से बात करने लग।

मैं : और चाची बचे कहा हैं और चाचा कहाँ है?

चाची : हॉलीडेज है ना, उनके मामा के घर गए हैं। और तुम्हारे चाचा उनके काम मे।

मैं : करीब एक साल हुवा तुमसे बात करके। ई मिस यु चाची।

चाची : क्या बात है। चाची को मिस करने लगा। कोई गर्लफ्रैंड नाइ मिली बैंगलोर में?

मैं : गर्लफ्रैंड की जगह गर्लफ्रैंड। चाची की जगह कोई नौ ले सकता।

चाची : अरे वाह। शायर भी बनगया। जवान होगया है तू।

अचानक चाची चिल्लाई। डोर लॉक नही था, तो मैं अंदर गया और पूछा क्या हुआ? चाची कॉकरोच को दिखाने लगी।

मैं : अरे चाची इतनी सी छोटी चीज़ के लिए इतना घबरा गए?

मैं वो कॉकरोच को मार दिया और वही विंडो से बाहर फेंक दिया। तभी मेरी नज़र चाची पे गयी। चाची सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। और क्या बताऊँ मैं चाची बिल्कुल बदल गयी है। मम्मे और बड़े होगये हैं। चाची और बड़ी मस्त माल बनगई है। मम्मे 36 के होगये हैं, और कमर 32 और गांड 38 की होगयी है। मुझसे रह नही गया। मैं देखते ही रह गया। मैं चाची को हुग किया। चाची की मम्मे ब्रा के ऊपर से छू रहा था। चाची गुस्सा करने लगी।

चाची : अरे ये क्या कर रहे हो जीशान? छोड़ो मुझे।

मैं : आप बहुत खूबसूरत हो चाची, बहुत पसंद करता हु मैं तुम्हें।

बोलते बोलते मैं उनको किस करने लगा। और एक हाथ से उनके मम्मे दबाने लग।

चाची : ये सब गलत है बेटा। छोड़ दो मुझे। अपनी चाची के साथ कोई भला ऐसे करता है। प्लीज मुझे छोड़ दो न।

मैं : प्यार और सेक्स के बीच कोई रिश्ते नाइ रहते है चाची। ई लव यू।

मैं धीरे धीरे ब्रा को खोल दिया। और ब्रा को निकाल दिया। चाची एक नाकाम कोशिश के बाद चुप होगयी।

चाची : अरे कोई देखलेगा। किसीको पता चल गया तो क्या होगा।

मैं उनके मम्मे सहलाने लगा और चूसने लगा। अब चाची बी थोड़ा सहयोग करने लगी।

मैं : कोई नई देखेगा किसको पता नाइ चलेगा। आई प्रॉमिस।

चाची सिसकारियां शुरू कर रही थी। धीरे धीरे आआआआआ ऊऊऊहहहहह  करने लगी

चाची : ये सब गलत है जीशान। अपने चाची के साथ ऐसे नाइ करते।

मैं : चाची कुछ गलत नही। मैं तुम्हे बहुत चाहता हु।

चाची : चाचा अजाएँगे। प्लीज छोड़ दो।

मैं : चाचा आने को बहुत समय लगेगा। आप चिंता ना करो

धीरे बोलने लगी। चाची को भी मज़ा आने लगा था। मैं ज़ोर ज़ोर से उनके मम्मे चूस रहा था। दीवानों की तरह चुम रहा था। दोनो हाथों से चाची को दबालिया था मैं। कभी उनके गाल चुमू तो कभी उनके ओठ। चाची गरम होने लगी। हैम आबि तक बाथरूम मैं ही ये सब कर रहे थे। मैं धीरे धीरे नीचे आने लगा। उनके स्थान दबा रहा था और चुम रहा था। फिर उनक पेट पे चुम रहा था। और पीट सहलां रहा था। चाची कुछ नाइ बोल रही थी। मैं उन्हें पूछे मुंडवाया और उनकी पेट पे किस करने लगा। चाची बहुत गर्म होगयी थी। अब बिल्कुल मेरे काबू में थी मेरी चाची। आखिर आज मेरा पहला सेक्स होने वाला था। आखिर मेरी चाची मुझे मिलने वाली थी। मैं पूरी तरह मज़े लेना चाहता था। मैं चाची का जिस्म पूरा चाट रहा था एक सांप की तरह। चाची मज़ा भी कर रही थी और थोड़ा नकार नुकर कर रही थी। चुम्मन के साउंड से बाथरूम गूंज रहा था। अब चाची के जिस्म पर सिर्फ पैंटी थी। मैं अभी पैंटी को छुन नाइ चाहता था। मैं उनके झंगो चमने लगा। दूध जैसे साफ था चाची का जिस्म। उनके स्थान के ऊपर पिंक निप्पल और मज़ेदार थे। चाची की शादी हुवी 14 साल हुवे थे। लेकिन अभी भी चाची एक दम सेक्सी थी। उनके स्थान अभी भी खड़े थे। 36 के बूब्स बड़े मस्त लग रहे थे। पूरे दो हाथों में समा नाइ जा रहे थे। मैं मज़े लेने लगा। चाची का जिस्म भारी था। उनका हाइट थोड़ा कम था। इसकी वजह से और भी मज़ा आने लगा।

अब समय आगया था वो नीली रंग की पैंटी की अंदर क्या है देखने का। मैं ने उनकी नीली रंग की पैंटी के ऊपर हाथ डाला, और धीरे धीरे पैंटी के ऊपर सहलाने लगा। चाची लाल होने लगी। मैं पैंटी के अंदर हाथ डालने लगा। चाची मेरे हाथ को हटा दिया। मैं फिर कोषिष करने लगा। वो फिर हटा दी।

मैं : क्यों? क्या हुआ?

चाची : यहां नही?

ये बात सुनते ही मेरी हिमथ और बड़ गयी। मैं चाची को हुग किया। और कान में थैंक यू बोला, और उनको चूमने लगा। और चाची मुझसे सहयोग करने लगी। मैं चुम रहा था। वो मेरे बल ज़ोर से पकड़ रही थी। मजा आने लग। मैं उनके ओठ ज़ोर से काट दिया। वो चिल्लाने लगी, आआआआआआआआ और बोलने लगा

चाची : कमीने अब चाची को रुलाएगा क्या?

मैं : अरे सॉरी चाची गलती से होगया।

चाची : तू मुझे प्रॉमिस कर, ये बात हमारे बीच ही रहेगी।

मैं : आई प्रॉमिस यु चाची। ये बात हमारे बीच ही रहेगी

चाची :  अछा, बैडरूम चलो।

मैं चाची की बात सुनकर खुशी होगया और एक ज़ोर से किस किया।

चाची : जो भी है अब जल्दी कर, फिर कोई अजाएँगे।

मैं : ठीक है चाची।

मैं तुरंत उन्हें ऊपर उठालिया कमर पकड़के। चाची चौक गयी।

चाची : जीशान क्या कर रहे हो। मुझे नीचे उतारो।

मैं : तुम्हे बैडरूम लेके जा रहा हु।

चाची अपने पैर से मुझे पकडलिया और मैं उन्हें किस करने लग। और उनकी गांड को सहलाने लगा और उन्हें बैडरूम ले गया। और उन्हें बेड पे गिरा दिया

चाची : बदमाश, कही चोट लग जाती तो?

मैं : मैं लगने नाइ दूंगा।

बेड के ऊपर चाची के ऊपर आक्रमण करने लगा। चाची के सिसकारियां मुझे और उतेजित कर रहे थे। मुझे उनके बूब्स बहुत पसंद है। मैं उसे ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था।

चाची : आआआम्म्ममम्ममम्म ऊऊऊम्म्म्ममम्ममम्म आआआह धीरी करो न।

मैं और ज़ोर से दबा रहा था और ज़ोर से चूसने लगा। चूस चुस के बूब्स लाल होगये थे। मैं नीचे नाभी पे पहुंच गया। लाल रंग गोल आकार में मस्त दिख रही थी। मैं अपना जीब उसपे रख दिया और चाटने लगा। जीब के स्पर्श से चाची मचल उठी। मेरे सर के बल में अपने नाखून गड दी।

चाची : और कितना तड़पायेगा, डाल दे रे जीशान, रह नही जा रहा है।

ये बात सुनते ही मैं और नीचे पैंटी पे आगया। नीली रंग वाली पैंटी को अपने हाथों से निकला। चाची ब सहयोग करने लगी। केया नजारा था दोस्तों। काले घने बाल थे चूत पे। उस काले घने बाल पर भी लाल चूत साफ दिख रही थी। चूत में पानी निकाल रहा था। मैं देर न करते हुवे अपने कपड़े निकल रहा था। चाची बटन्स खोल रही थी। जल्दी से अपने कपड़े निकल दिया। मैं अंडरवियर में था।

चाची : क्या मस्त बॉडी बनाया है जीशान। जिम जाता है क्या?

मैं : है चाची जान।

चाची अब मुझे निचे करके चूमने लगी। पूरा जिस्म पागल की तरह चाट रही थी। चाची मेरा लंड अंडरवियर के ऊपर से ही हाथ मे पकडलिया। और बोलने लगी

चाची : ये क्या है। मेरा बेटा इतना बड़ा जवान होगया है।

बाकी कहानी अगले भाग मैं पढ़िए।

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